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वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025: नीरज चोपड़ा पदक की रेस से बाहर, सचिन यादव चौथे स्थान पर

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025: नीरज चोपड़ा पदक की रेस से बाहर, सचिन यादव चौथे स्थान पर

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के पुरुष भाला फेंक फाइनल में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा पदक की दौड़ से बाहर हो गए। डिफेंडिंग चैंपियन नीरज आठवें स्थान पर रह गए, जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी 10वें स्थान पर समाप्त हुए। साथ ही सह-प्रतियोगी सचिन यादव चौथे स्थान पर रहे। फाइनल टोक्यो नेशनल स्टेडियम में भारतीय समयानुसार दोपहर 3:53 बजे शुरू हुआ, जहां ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने गोल्ड जीता। यह मुकाबला नीरज और नदीम की प्रतिद्वंद्विता के कारण सुर्खियों में था, लेकिन दोनों ही अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।

फाइनल में 12 एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिसमें नीरज, नदीम, जर्मनी के जूलियन वेबर, केन्या के जूलियस येगो और पोलैंड के डाविड वेगनर जैसे दिग्गज शामिल थे। नीरज ने अपनी पहली कोशिश में 83.65 मीटर का थ्रो किया, जो शुरुआत में छठे स्थान पर ले गया। लेकिन बाद के प्रयासों में सुधार न होने से वे 84.03 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवें स्थान पर सिमट गए। नीरज ने चौथे थ्रो में 82.86 मीटर का प्रयास किया, लेकिन रिलीज में समस्या के कारण यह पर्याप्त न साबित हुआ। नदीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा – उनके चौथे थ्रो में फाउल हुआ, और वे कुल मिलाकर 10वें स्थान पर रहे। नीरज ने फाइनल के बाद निराशा जताते हुए कहा, “मैं अपनी तकनीक से संतुष्ट नहीं हूं। रिलीज में गलती हुई, लेकिन अगली प्रतियोगिताओं में सुधार करूंगा।”

सचिन यादव ने भारत के लिए चेहरा बचाया। उन्होंने पहली कोशिश में ही 86.27 मीटर का थ्रो किया, जो अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर ले गया। अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन ने 86.67 मीटर के साथ शुरुआती लीड लिया, लेकिन सचिन ने अपनी कोशिशों से चौथा स्थान बरकरार रखा। क्वालीफिकेशन राउंड में सचिन ने 83.67 मीटर का थ्रो कर टॉप-12 में जगह बनाई थी। यह लगातार दूसरी चैंपियनशिप है जब भारत के दो एथलीट फाइनल में पहुंचे। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने सचिन की सराहना की, कहा कि यह युवा एथलीट का उभरता सितारा है। सचिन ने कहा, “नीरज सर से प्रेरणा मिली। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, और पदक के लिए प्रयास जारी रखूंगा।”

फाइनल के टॉप पर ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने कब्जा जमाया, जिन्होंने क्वालीफिकेशन में 89.53 मीटर का शानदार थ्रो किया था। जर्मनी के जूलियन वेबर ने सिल्वर और केन्या के जूलियस येगो ने ब्रॉन्ज जीता। वेबर, जो इस सीजन में तीन बार 90 मीटर से ऊपर थ्रो कर चुके हैं, ने फाइनल में भी दबदबा बनाए रखा। पोलैंड के डाविड वेगनर ने पर्सनल बेस्ट 85.67 मीटर के साथ चौथा स्थान हासिल किया, लेकिन यूरोपीय एथलीटों का दबदबा साफ दिखा। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पठिरगे ने 11वें स्थान पर रहकर एशियाई प्रदर्शन को मजबूत किया।

यह फाइनल नीरज और नदीम की दोस्ताना प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा था, जो 2023 बुदापेस्ट चैंपियनशिप (नीरज गोल्ड, नदीम सिल्वर) और 2024 पेरिस ओलंपिक (नदीम गोल्ड, नीरज सिल्वर) के बाद तीसरा बड़ा मुकाबला था। नदीम ने जुलाई में कैल्फ सर्जरी के बाद वापसी की थी, लेकिन फाइनल में फिटनेस प्रभावित दिखी। नीरज का पर्सनल बेस्ट 90.23 मीटर है, जो उन्होंने मई में डोहा डायमंड लीग में हासिल किया। भारत ने इस चैंपियनशिप में 19 एथलीट भेजे थे, और भाला फेंक में दो का फाइनल पहुंचना उपलब्धि है। प्रसारण जियोसिनेमा और स्पोर्ट्स 18 पर लाइव दिखाया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि नीरज को रिलीज और तकनीक पर काम करने की जरूरत है, जबकि सचिन जैसे युवा एथलीट भारतीय एथलेटिक्स को नई दिशा दे सकते हैं। यह फाइनल एशियाई एथलीटों के लिए सबक है, क्योंकि यूरोपीय और कैरिबियन थ्रोअर्स ने दबदबा दिखाया। भारत सरकार ने नीरज और सचिन को बधाई दी, और एएफआई ने कहा कि अगले ओलंपिक के लिए तैयारी तेज होगी। यह चैंपियनशिप हिमालयी राष्ट्रों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।

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