राजनीति

TMC सांसद यूसुफ पठान को गुजरात हाईकोर्ट से झटका: विवादित जमीन खाली करनी होगी

TMC सांसद यूसुफ पठान को गुजरात हाईकोर्ट से झटका: विवादित जमीन खाली करनी होगी

अहमदाबाद: पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान को गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने वडोदरा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) के पक्ष में फैसला सुनाया और पठान को शहर में उनके घर के पास स्थित 978 वर्ग मीटर की विवादित जमीन खाली करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पठान इस जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारी हैं। यह फैसला 21 अगस्त को सुनाया गया था, लेकिन 2 सितंबर को कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। अब VMC ने जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मामला वडोदरा के तंदलजा इलाके से जुड़ा है। यूसुफ पठान ने 2012 में VMC से यह प्लॉट नंबर 90 (सर्वे नंबर 22) मांगा था, ताकि घोड़े रखने के लिए स्टेबल बनवा सकें। VMC ने जनरल बॉडी मीटिंग में प्रस्ताव पास कर 57,270 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से बेचने का फैसला लिया, लेकिन पब्लिक ऑक्शन के बिना यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। 2014 में गुजरात सरकार ने इसे खारिज कर दिया। इसके बावजूद पठान ने 12 साल से ज्यादा समय से जमीन पर कब्जा बनाए रखा। उन्होंने कभी किराया या कोई पेमेंट नहीं किया। जून 2024 में, जब पठान पश्चिम बंगाल के बहारामपुर से TMC सांसद चुने गए, तो VMC के एक काउंसलर ने आपत्ति जताई। इसके बाद VMC ने 6 जून 2024 को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा। पठान ने इस नोटिस और सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

कोर्ट ने पठान के वकील के तर्कों को खारिज कर दिया। पठान ने कहा था कि वे मार्केट रेट पर पैसे देने को तैयार हैं और VMC की 12 साल की चुप्पी से कब्जा वैध माना जाए। साथ ही, जमीन उनके घर के बगल में होने से परिवार की सुरक्षा का सवाल उठाया। लेकिन जस्टिस माउना एम भट्ट ने कहा कि कोई आवंटन आदेश ही नहीं था, इसलिए कब्जा अवैध है। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि सेलिब्रिटी होने के नाते पठान समाज के लिए रोल मॉडल हैं। उन्हें कानून का पालन और सख्ती से करना चाहिए। अगर उन्हें छूट दी गई, तो यह गलत संदेश देगा। कोर्ट ने VMC को कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन जुर्माने की मांग को खारिज कर दिया। VMC के असिस्टेंट म्यूनिसिपल कमिश्नर (रेवेन्यू) श्याम तुवर ने बताया कि अब नया नोटिस जारी किए बिना ही जमीन पर कब्जा लिया जा सकता है।

यह फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। TMC ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन पठान के वकील ने कहा कि वे उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के विकल्प तलाश रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान के भाई यूसुफ की यह कानूनी जंग लंबे समय से चल रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है, खासकर सार्वजनिक हस्तियों के मामले में। VMC ने प्रक्रिया तेज करने का संकेत दिया है, जिससे पठान को जल्द ही जमीन छोड़नी पड़ सकती है। यह घटना गुजरात में लैंड डिस्प्यूट्स को फिर से सुर्खियों में ला रही है।

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