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नेपाल में फंसी भारत की वॉलीबॉल टीम का रेस्क्यू, वीडियो बनाकर लगाई थी मदद की गुहार

काठमांडू: नेपाल में चल रहे जेन-जेड आंदोलन के कारण भारतीय वॉलीबॉल टीम फंस गई है, और उनका आपबीती बताता वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह टीम नेपाल में एक इंटरनेशनल वॉलीबॉल टूर्नामेंट के लिए गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार, नेपोटिज्म और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों ने स्थिति बिगाड़ दी। कम से कम 34 लोगों की मौत हो चुकी है, और त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद होने से सैकड़ों भारतीय फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन जारी की है, जबकि एयर इंडिया ने स्पेशल फ्लाइट्स शुरू की हैं। वीडियो में एक भारतीय महिला खिलाड़ी रोते हुए मदद की गुहार लगा रही है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

वीडियो में उपासना गिल नाम की भारतीय महिला ने बताया कि वे पॉखरा में होटल में थीं, जब प्रदर्शनकारियों ने होटल में आग लगा दी। “प्रोटेस्टर्स ने स्पा में घुसकर हमें लाठियों से पीटा, सब कुछ जला दिया। पर्यटकों को भी नहीं बख्शा जा रहा। भारतीय दूतावास से मदद चाहिए,” गिल ने रोते हुए कहा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा गया है, गिल की टीम के अन्य सदस्य भी फंसे हैं, जिनके पास न तो खाना है और न ही सुरक्षित रास्ता। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों, होटलों और सड़कों पर आगजनी की, जिससे पॉखरा और काठमांडू में अराजकता फैल गई। नेपाल आर्मी ने कर्फ्यू लगाया है, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर है।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने सभी भारतीयों को नेपाल यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा कि 400 से अधिक भारतीय काठमांडू में फंसे हैं, जिनमें पर्यटक, तीर्थयात्री और खिलाड़ी शामिल हैं। एयर इंडिया ने 11 और 12 सितंबर को दिल्ली-काठमांडू स्पेशल फ्लाइट्स चलाईं, जिनसे सैकड़ों लोग लौटे। कर्नाटक सरकार ने 39 कन्नड़िगों को एयरपोर्ट से बचाने के लिए प्रयास किए, जबकि उत्तर प्रदेश ने बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया। आंध्र प्रदेश ने 150 तेलुगु लोगों को निकाला, और ओडिशा के 23 लोग सुरक्षित लौटे। अयोध्या के 9 तीर्थयात्री भी मानसरोवर यात्रा से लौटते हुए फंसे हैं।

आंदोलन की शुरुआत 4 सितंबर को हुई, जब सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत 26 प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया। युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया, और प्रदर्शन भ्रष्टाचार के खिलाफ फैल गए। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन हिंसा रुकी नहीं। जेन-जेड कार्यकर्ताओं ने पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने की मांग की है। सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल ने शांति की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच फूट भी नजर आ रही है।

भारतीय सरकार ने नेपाल दूतावास के माध्यम से सहायता का आश्वासन दिया है। हेल्पलाइन नंबर +977-9808602881 जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंदोलन नेपाल की राजनीति को बदल सकता है, लेकिन भारतीयों के लिए खतरा बढ़ा है। वीडियो वायरल होने से दबाव बढ़ा है, और MEA ने तत्काल निकासी की योजना बनाई है। कुल मिलाकर, नेपाल का संकट भारत-नेपाल संबंधों को प्रभावित कर रहा है, और फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी प्राथमिकता है।

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