Thursday, June 25, 2026
धर्म

कब से है शारदीय नवरात्रि, जानिये तारीख

कब से है नवरात्रि, जानिये तारीख

नई दिल्ली: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 2025 का पावन पर्व 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह नौ दिनों का उत्सव 1 अक्टूबर तक चलेगा, जो दशहरा (विजयादशमी) के साथ समाप्त होगा। इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ प्रतिपदा तिथि पर हो रहा है, जो आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पहली तिथि है। लाखों भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना के लिए तैयार हैं, और देशभर में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मचेगी। ज्योतिषियों के अनुसार, इस नवरात्रि का योग विशेष फलदायी है, जो भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करेगा।

नवरात्रि का शुभारंभ घटस्थापना से होता है, जो 22 सितंबर को सुबह शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नौ दिनों में मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना होगी। 1 अक्टूबर को दशहरा के रूप में रावण दहन होगा, जो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। पंचांग के अनुसार, 2025 में नवरात्रि का यह समय आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से 1 अक्टूबर तक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि देवी दुर्गा के महिषासुर पर विजय का उत्सव है, जो अच्छाई की बुराई पर जीत दर्शाता है।

इस वर्ष नवरात्रि का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह 2047 तक विकसित भारत के विजन से जुड़ रहा है। सरकार ने भी इस पर्व को बढ़ावा देने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। उत्तर भारत में गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में गरबा महोत्सवों की तैयारियां जोरों पर हैं, जबकि पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा पंडालों का निर्माण चल रहा है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में पंडाल सजावट पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भक्तों को सलाह दी है कि भीड़ में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और स्वस्थ व्रत रखें।

नवरात्रि के रंगों का भी विशेष महत्व है। पहले दिन पीला रंग सूर्य की ऊर्जा का प्रतीक है, जो सकारात्मकता लाता है। अन्य दिनों के रंगों में हरा, ग्रे, सफेद, लाल, नीला, पीच, गुलाबी और बैंगनी शामिल हैं, जो देवी के विभिन्न रूपों से जुड़े हैं। ज्योतिषी पंडित राजेश शर्मा ने कहा, “2025 की नवरात्रि में गुरु और शनि का योग विशेष फल देगा। व्रत रखने से आर्थिक लाभ और मानसिक शांति मिलेगी।” देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पर्व सांस्कृतिक एकता को मजबूत करेगा। कुल मिलाकर, 22 सितंबर से शुरू हो रही नवरात्रि भक्तों के लिए आशीर्वादों का पर्व साबित होगी, जो जीवन में नई ऊर्जा भर देगी।

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