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बिहार की तर्ज पर पूरे देश में वोटर लिस्ट का SIR अभियान को हरी झंडी: अक्टूबर से शुरू होगा, लाखों नामों की सफाई की तैयारी

बिहार की तर्ज पर पूरे देश में वोटर लिस्ट का SIR अभियान को हरी झंडी: अक्टूबर से शुरू होगा, लाखों नामों की सफाई की तैयारी

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) ने बिहार में सफलतापूर्वक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की तर्ज पर पूरे देश में वोटर लिस्ट के SIR को मंजूरी दे दी है। यह अभियान अक्टूबर 2025 से शुरू होगा, जो 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को शुद्ध करने का बड़ा कदम होगा। ECI के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बिहार में 65 लाख से अधिक नाम हटाने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 10 करोड़ वोटरों की जांच होगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और राजनीतिक दलों की मांगों के बीच आया है, जहां अवैध प्रवासियों, डुप्लिकेट और मृत वोटरों को हटाने पर जोर दिया गया।

बिहार में जून 2025 से शुरू हुए SIR में 2003 की पुरानी सूची को आधार बनाकर 7.89 करोड़ वोटरों की सत्यापन किया गया। नतीजे चौंकाने वाले थे: 22 लाख मृत, 7 लाख डुप्लिकेट और 36 लाख प्रवासी नाम हटाए गए। ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ नाम बचे, और 1 सितंबर तक सुधार के लिए 1.65 लाख आवेदन आए। विपक्षी दलों ने इसे ‘मास डिलीशन’ बताकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने ECI को निर्देश दिया कि राजनीतिक दल प्रभावित वोटरों की मदद करें। अब राष्ट्रीय SIR जनवरी 2026 को क्वालीफाइंग डेट के साथ चलेगा, जिसमें आधार, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज सीमित रूप से इस्तेमाल होंगे, लेकिन जन्म स्थान का प्रमाण अनिवार्य होगा।

ECI ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के साथ बैठक में तैयारी शुरू कर दी है। असम, केरल, तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और पश्चिम बंगाल जैसे 2026 चुनाव वाले राज्यों में विशेष फोकस होगा। आयोग का कहना है कि यह अभियान अवैध प्रवासियों (बांग्लादेश-म्यांमार से) की जांच के बीच महत्वपूर्ण है। ECI के एक अधिकारी ने कहा, “यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। बिहार मॉडल सफल रहा, अब पूरे देश में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।” हालांकि, विपक्ष ने चेतावनी दी कि गरीब और प्रवासी वोटर प्रभावित न हों, वरना यह ‘वोट चोरी’ का हथियार बनेगा।

राहुल गांधी ने अगस्त में बिहार यात्रा के दौरान SIR की आलोचना की, जबकि बीजेपी ने इसे ‘क्लीन अप’ बताया। ECI ने जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया, जिसमें स्वयंसेवक बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान 2024 लोकसभा चुनावों के ‘वोटर लिस्ट गड़बड़ी’ विवाद को समाप्त करेगा। अक्टूबर से फॉर्म 6, 7 और 8 भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, और ड्राफ्ट सूची नवंबर में जारी होगी। यदि कोई अनियमितता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई का वादा किया गया है। यह कदम भारतीय चुनाव प्रक्रिया को नई ऊंचाई दे सकता है।

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