यूरोपीय संघ की पॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी कमेटी का भारत दौरा: 10-14 सितंबर तक रक्षा और विदेश नीति पर होगी चर्चा
यूरोपीय संघ की पॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी कमेटी का भारत दौरा: 10-14 सितंबर तक रक्षा और विदेश नीति पर होगी चर्चा
यूरोपीय संघ (EU) की पॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी कमेटी (PSC) अपनी पहली भारत यात्रा पर 10 से 14 सितंबर तक नई दिल्ली में होगी। कमेटी की अध्यक्षता कर रहीं राजदूत डेल्फिन प्रॉन्क के नेतृत्व में 27 यूरोपीय देशों के राजदूतों की 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों, सिविल सोसाइटी संगठनों और प्रमुख थिंक टैंक्स के साथ रणनीतिक चर्चा करेगा। यह दौरा 2026 में होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले नीतिगत प्राथमिकताओं का आकलन करने और सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
दौरे का उद्देश्य
PSC का यह दौरा भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजदूत डेल्फिन प्रॉन्क ने कहा, “आतंकवाद विरोध, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष सुरक्षा, और विदेशी सूचना हेरफेर जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग महत्वपूर्ण है। इस दौरे से प्राप्त सुझाव और अंतर्दृष्टि यूरोपीय नेताओं को प्रस्तुत की जाएगी।” भारत में EU के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने इसे “अस्थिर भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत के साथ साझेदारी का रणनीतिक निवेश” बताया।
प्रमुख एजेंडा
– रक्षा और सुरक्षा सहयोग: समुद्री सुरक्षा, साइबर खतरों, और रक्षा उद्योग में सहयोग पर जोर।
– आतंकवाद विरोध: दोनों पक्ष आतंकवाद और हाइब्रिड खतरों से निपटने की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
– FTA वार्ता: भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 2025 के अंत तक अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति।
भारत-ईयू संबंधों का महत्व
यह दौरा फरवरी 2025 में यूरोपीय आयोग की यात्रा और जून में पहले भारत-ईयू रणनीतिक संवाद के बाद हो रहा है। वैश्विक अस्थिरता, रूस-यूक्रेन युद्ध, और अमेरिका की संरक्षणवादी नीतियों के बीच भारत और ईयू एक-दूसरे को रणनीतिक साझेदार मान रहे हैं। दोनों पक्ष 2026 के शिखर सम्मेलन में एक नई रणनीतिक एजेंडा को अंतिम रूप देंगे।
सियासी और आर्थिक संदर्भ
EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों पक्ष दिसंबर 2025 तक FTA पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह दौरा ट्रंप प्रशासन के 50% टैरिफ जैसे वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच भारत-ईयू सहयोग को और गहरा करने की कोशिश है।
