दिल्ली-पंजाब से कश्मीर तक पानी-पानी: 24 नदियां, 50 डैम बाढ़ के सेंसिटिव जोन में, भारी बारिश से तबाही
दिल्ली-पंजाब से कश्मीर तक पानी-पानी: 24 नदियां, 50 डैम बाढ़ के सेंसिटिव जोन में, भारी बारिश से तबाही
नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और नदियों के उफान ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। दिल्ली से पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक पानी-पानी की स्थिति है, जहां यमुना, सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब और अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की 5 सितंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 24 नदियां गंभीर बाढ़ की स्थिति में हैं, जबकि 33 अन्य नदियों का जलस्तर सामान्य से ऊपर है। इसके अलावा, 50 डैम बाढ़ के सेंसिटिव जोन में हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हालात चिंताजनक हैं।
दिल्ली में यमुना का तांडव: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 207 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया है। कश्मीरी गेट, सिविल लाइंस और मयूर विहार जैसे इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में यमुना का रौद्र रूप साफ दिख रहा है। दिल्ली सरकार ने राहत कैंप बनाए हैं, लेकिन मयूर विहार टेंट सिटी में रह रहे लोगों का कहना है कि वहां भी पानी भर गया है।
पंजाब में 37 साल बाद सबसे भयावह बाढ़: पंजाब के 23 जिलों में बाढ़ से 1,655 गांव डूब गए हैं, और 3.55 लाख लोग प्रभावित हैं। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं, जिससे गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात सबसे खराब हैं। 1 अगस्त से 3 सितंबर तक बाढ़ में 37 लोगों की मौत हो चुकी है। खेत जलमग्न होने से फसलें बर्बाद हो गई हैं, और गांव टापुओं में तब्दील हो गए हैं। सेना और एनडीआरएफ राहत कार्यों में जुटी है। सभी स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद हैं।
हिमाचल-उत्तराखंड में खतरा: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी है। ब्यास, सतलुज, रावी, चिनाब, अलकनंदा और भागीरथी नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है। उत्तराखंड में 520 सड़कें बंद हैं, और चार धाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित है। चमोली में 57 सड़कें अवरुद्ध हैं, और नैनीताल में गौला नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर है। हिमाचल में भूस्खलन से कई हाईवे ध्वस्त हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्य: जम्मू-कश्मीर में चिनाब और तवी नदियां उफान पर हैं। बिहार में गंगा, कोसी और बागमती, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में महानदी और दामोदर नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बादल फटने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
सरकारी कार्रवाई और चेतावनी: केंद्र और राज्य सरकारों ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान शुरू किया है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की समीक्षा की और राज्यों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। लोगों से नदियों के किनारे न जाने और मौसम विभाग की चेतावनी मानने की अपील की गई है। हेल्पलाइन नंबर 1070 और 112 पर सहायता उपलब्ध है। जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं, और विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक उपायों की मांग की है।
