‘टोटी चोरी का मामला कभी नहीं भूल सकता’: अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बोला तीखा हमला, 8 लाख के चालान पर भी भड़के
‘टोटी चोरी का मामला कभी नहीं भूल सकता’: अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बोला तीखा हमला, 8 लाख के चालान पर भी भड़के
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश ने ‘टोटी चोरी’ के पुराने मामले को याद करते हुए कहा, “मैं टोटी चोरी का मामला कभी नहीं भूल सकता। सरकार और उसके ताकतवर अधिकारी यह जान लें।” उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल (2012-2017) के बाद उनके सरकारी आवास को गंगाजल से धुलवाने का दावा करने वाले अधिकारी अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक ने यह सब बीजेपी के इशारे पर किया। अखिलेश ने कहा, “यह अपमान मैं और समाजवादी पार्टी भूलने वाली नहीं है।”
अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बच्चों को पढ़ने नहीं देना चाहती और नौकरियां देना उनके एजेंडे में नहीं है। “27,000 प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए, और 69,000 शिक्षक भर्ती के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं। यह सरकार शिक्षा और छात्रों को बर्बाद कर रही है ताकि कोई सवाल न उठाए।” उन्होंने हाल ही में अपने काफिले पर लगाए गए 8 लाख रुपये के चालान पर भी नाराजगी जताई, जिसे उन्होंने बीजेपी की साजिश करार दिया। “मुझे कल मेरे काफिले का 8 लाख का चालान मिला। सीसीटीवी चलाने वाला बीजेपी का आदमी होगा। यह सरकार हमें परेशान करने के लिए हर हथकंडा अपना रही है,” अखिलेश ने कहा।
सपा प्रमुख ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के पास “चुनावी तिकड़ी” है—अधिकारी, सरकार और चुनाव आयोग। “सुनने में आ रहा है कि आयोग के अधिकारी बीजेपी को कोड दे देते हैं, जिससे वे वोट बढ़ा सकें। कुंदरकी उपचुनाव में 77% वोट सत्ताधारी पक्ष को कैसे मिल सकता है? यह वोट चोरी का सबूत है।” अखिलेश ने जन्माष्टमी से बीजेपी सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने का दावा करते हुए कहा कि अब केवल 493 दिन बचे हैं, और 2027 में बीजेपी का सफाया हो जाएगा।
उन्होंने बाराबंकी में हुए लाठीचार्ज पर भी तंज कसा, जिसमें एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई थी। “एबीवीपी का मतलब अब ‘अखिल भारतीय वीडियो ऑफ पिटाई’ बन गया है। बीजेपी संगठन के बच्चों को देखकर दुख होता है,” उन्होंने व्यंग्य किया। अखिलेश ने शिक्षक दिवस के मौके पर संकल्प लिया कि सपा की सरकार बनने पर क्वालिटी एजुकेशन और सम्मानजनक नौकरियां दी जाएंगी। ओम प्रकाश राजभर के आवास पर हुए प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, “मैं इस पर नहीं बोलूंगा, वरना बीजेपी मेरे बयान को भी बेच देगी।”
अखिलेश के इस बयान ने बिहार और उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज कर दी है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे सपा की हताशा करार दिया। बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा, “लोकतंत्र की डकैती करने वाले लोग बिहार की जनता को अपमानित कर रहे हैं। जनता इसका जवाब देगी।” यह विवाद बिहार चुनाव और 2027 के यूपी चुनाव से पहले सियासी तापमान को और बढ़ा सकता है।
