राजनीति

‘B से बीड़ी, B से बिहारी…’: केरल कांग्रेस के पोस्ट पर सियासी बवाल, बीजेपी-जेडीयू ने साधा निशाना

‘B से बीड़ी, B से बिहारी…’: केरल कांग्रेस के पोस्ट पर सियासी बवाल, बीजेपी-जेडीयू ने साधा निशाना

नई दिल्ली: केरल कांग्रेस के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बिहार में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को केरल कांग्रेस ने एक्स पर एक विवादास्पद पोस्ट शेयर किया, जिसमें जीएसटी सुधारों में बीड़ी पर कर में कटौती का जिक्र करते हुए लिखा, “बी से बीड़ी, बी से बिहारी… अब इसे सिन (पाप) नहीं माना जा सकता।” यह पोस्ट केंद्र सरकार के हालिया जीएसटी सुधारों पर तंज था, जिसमें बीड़ी पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% और तेंदू पत्तियों पर 18% से 5% किया गया, जबकि सिगरेट और तंबाकू पर 40% कर लगाया गया। पोस्ट को बाद में हटा लिया गया, लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका था, जिसने बिहार में बीजेपी और जेडीयू नेताओं को आक्रामक प्रतिक्रिया देने का मौका दे दिया।

बीजेपी और जेडीयू ने इस टिप्पणी को बिहार और उसके लोगों का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, “पहले हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पूजनीय माता जी का अपमान और अब पूरे बिहार का अपमान — यही है कांग्रेस का असली चरित्र, जो बार-बार देश के सामने उजागर हो रहा है।” उन्होंने इसे बिहार की संस्कृति और गौरव पर हमला करार दिया। जेडीयू नेता और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, “कांग्रेस की यह अत्यंत शर्मनाक हरकत है! बी से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है, जो आपके पास नहीं है! बी से बजट भी होता है, जिसमें बिहार को विशेष सहायता मिलने पर आपको जलन होती है।” उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां सीता, बुद्ध और संविधान का पहला मसौदा जन्मा।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर “बिहार विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया और पूछा, “क्या आरजेडी नेता तेजस्वी यादव इस टिप्पणी का समर्थन करते हैं?” उन्होंने कहा, “रेवंत रेड्डी से लेकर डीएमके और अब कांग्रेस तक, इनका बिहार के प्रति घृणा साफ दिखती है।” केंद्रीय मंत्री शांडिल्य गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस को “बुद्धिहीन” बताते हुए कहा कि बिहार की जनता इसका जवाब देगी।

यह विवाद बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले आया है, जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया है। केरल कांग्रेस ने पोस्ट हटाने के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पार्टी इसे गलतफहमी करार देने की कोशिश कर रही है। विपक्षी नेताओं ने इसे कांग्रेस की रणनीति में कमी और बिहार के प्रति असंवेदनशीलता बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद बिहार में एनडीए के लिए चुनावी मुद्दा बन सकता है, जो क्षेत्रीय गौरव को भुनाने की कोशिश करेगा।

कांग्रेस की सहयोगी आरजेडी ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बिहार की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या कांग्रेस इस मुद्दे पर माफी मांगेगी या इसे और हवा देगी। यह घटना बिहार में वोटरों के बीच क्षेत्रीय अस्मिता को और मजबूत कर सकती है।

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