राष्ट्रीय

पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

पटना: बिहार की राजधानी पटना में सनसनीखेज घटना सामने आई है। पटना सिविल कोर्ट को एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा मैसेज प्राप्त हुआ है, जिसमें कोर्ट को RDX से लदे 4 बम प्लांट्स के जरिए उड़ाने की चेतावनी दी गई है। मैसेज में लिखा था, “RDX वाले 4 बम प्लांट हैं… आज ही कोर्ट को उड़ा देंगे।” यह धमकी गुरुवार दोपहर को कोर्ट के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर आई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए कोर्ट परिसर की तलाशी ली, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। यह घटना बिहार में बढ़ते आतंकी धमकियों को लेकर चिंता बढ़ा रही है।

पटना सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार ने बताया कि मैसेज दोपहर 2:30 बजे के आसपास आया, जिसमें धमकी देने वाले ने खुद को “अल-कायदा” का सदस्य बताया। मैसेज में आगे कहा गया, “तुम्हारी अदालत को धमाकों से नेस्तनाबूद कर देंगे, RDX प्लांट्स तैयार हैं।” कोर्ट प्रशासन ने तुरंत पटना एसएसपी को सूचित किया, और एसएसपी मनीजलाल मंडल ने विशेष जांच टीम गठित कर दी। बिहार पुलिस के आईजी अमृत राज ने कहा, “धमकी की जांच चल रही है। नंबर ट्रेस किया जा रहा है, और साइबर सेल सक्रिय है। कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।” बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड ने कोर्ट के सभी ब्लॉक्स, पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों की जांच की, लेकिन सब कुछ सामान्य पाया गया।

यह धमकी बिहार में हालिया घटनाओं के बाद और गंभीर हो जाती है। जून 2025 में पटना हाईकोर्ट में एक बम प्लांट मिला था, जबकि जुलाई में दरभंगा एयरपोर्ट को इसी तरह की धमकी मिली थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह धमकियां आईएसआईएस या अल-कायदा जैसे संगठनों से जुड़ी हो सकती हैं, जो बिहार को निशाना बना रहे हैं। पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा, “सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। जनता से अपील है कि संदिग्ध गतिविधि पर सूचना दें।” विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “नीतीश सरकार की विफलता का नतीजा है यह। बिहार आतंक का केंद्र बन रहा है।” वहीं, भाजपा ने इसे विपक्ष की साजिश बताया।

पुलिस ने धमकी देने वाले नंबर को राजस्थान से लिंक बताया है, लेकिन जांच जारी है। कोर्ट की कार्यवाही सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मैसेज अक्सर फर्जी होते हैं, लेकिन इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। बिहार सरकार ने केंद्र से सहायता मांगी है, और एनआईए को भी सूचित किया गया है। यह घटना न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे, जो राज्य की सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। जनता में डर का माहौल है, और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।

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