गणपति उत्सव में सियासी हलचल, राज ठाकरे के घर गणपति उत्सव में शामिल हुए एकनाथ शिंदे
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज राज ठाकरे के आवास पर आयोजित गणपति उत्सव में शिरकत की, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। यह घटना महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संस्थापक राज ठाकरे और शिंदे गुट के बीच गठबंधन की अटकलों को हवा दे रही है। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शिंदे का यह दौरा महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
शिंदे ने ठाकरे के ‘शिवाजी पार्क’ स्थित आवास पर पहुंचकर गणपति की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक मराठी स्वागत के बीच दोनों नेताओं ने गहन बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, चर्चा में राज्य की राजनीतिक स्थिति, विपक्ष की रणनीति और आगामी चुनावों पर फोकस रहा। शिंदे ने कहा, “गणेश भगवान बाधाओं को दूर करने वाले हैं। आज का यह मिलन सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।” वहीं, राज ठाकरे ने इसे “परिवारिक समारोह” बताते हुए कहा कि राजनीति से इतर धार्मिक आयोजनों में सभी का स्वागत है।
यह घटना शिवसेना के आंतरिक विभाजन के बाद और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। 2022 में शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायकों ने उद्धव ठाकरे सरकार गिराई थी, जिसके बाद शिंदे-फडणवीस सरकार बनी। मनसे, जो कभी शिवसेना का प्रतिद्वंद्वी रही, अब शिंदे गुट के करीब आती दिख रही है। विपक्षी दलों, खासकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने इसे “सत्ता का खेल” करार दिया है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने टिप्पणी की, “यह गठबंधन चुनावी फायदे के लिए है, जनता को धोखा न दें।” एनसीपी (शरद पवार गुट) ने भी सतर्कता बरतने की बात कही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नजदीकी भाजपा-शिवसेना गठबंधन को मजबूत कर सकती है। मनसे की क्षेत्रीय ताकत, खासकर मुंबई और ठाणे में, शिंदे सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट ने इसे “नाटक” बताते हुए कहा कि जनता सब समझती है। गणपति उत्सव के दौरान यह सियासी ड्रामा महाराष्ट्र की राजनीति को नया रंग दे रहा है। आने वाले दिनों में और विकास की संभावना है, जो राज्य की सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
