उत्तरकाशी भूस्खलन: गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, यातायात ठप, राहत कार्य शुरू
उत्तरकाशी भूस्खलन: गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, यातायात ठप, राहत कार्य शुरू
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री नेशनल हाईवे पर रविवार (24 अगस्त 2025) को नालूना क्षेत्र के पास भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भारी बारिश के बाद पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे गंगोत्री धाम और हरसिल घाटी के कई गांव जिला मुख्यालय से कट गए। उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, निरंतर भूस्खलन के कारण सड़क को सुचारु करने में देरी हो रही है। सुरक्षा के लिए सड़क पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, और यातायात को मनेड़ा बायपास से डायवर्ट किया गया है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे का निरीक्षण किया और भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO), PWD, और अन्य एजेंसियों को मलबा हटाने और सड़क को तार क्रेट से ठीक करने का आदेश दिया। पुलिस ने बताया कि धरासू (पुराना थाना) और सौनगढ़ के पास भी मलबा और पेड़ गिरने से हाईवे बाधित हुआ।
इससे पहले 5 अगस्त को धराली और हरसिल में बादल फटने से हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने के लिए सेना, NDRF, SDRF, और अन्य टीमें तैनात की हैं। धामी ने X पर लिखा, “नालूना में भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है।”
BRO और NHIDCL की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
