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‘भारत-अमेरिका रिश्तों में तीन बड़ी समस्याएं’, जयशंकर बोले- व्यापार, तेल और पाकिस्तान पर हस्तक्षेप से समझौता नहीं

‘भारत-अमेरिका रिश्तों में तीन बड़ी समस्याएं’, जयशंकर बोले- व्यापार, तेल और पाकिस्तान पर हस्तक्षेप से समझौता नहीं

नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में भारत-अमेरिका संबंधों में मौजूदा तनाव के तीन प्रमुख कारणों पर खुलकर बात की। उन्होंने व्यापार और टैरिफ, रूस से कच्चे तेल की खरीद और पाकिस्तान के मुद्दे पर अमेरिकी हस्तक्षेप को दोनों देशों के बीच प्रमुख समस्याएं बताया। जयशंकर ने साफ किया कि भारत अपनी ‘रेड लाइन्स’ पर कोई समझौता नहीं करेगा, खासकर किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के मामले में।

जयशंकर ने अमेरिका के दोहरे मापदंडों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अमेरिका बार-बार पूछता है कि भारत रूस से तेल क्यों खरीद रहा है, जबकि रूस का सबसे बड़ा तेल आयातक चीन है और यूरोपीय संघ भी बड़े पैमाने पर रूसी गैस खरीदता है। अगर तेल खरीदना समस्या है, तो यह नियम सभी पर लागू होना चाहिए।” उन्होंने रूस से तेल खरीद को भारत के राष्ट्रीय हित और वैश्विक तेल बाजार की स्थिरता के लिए जरूरी बताया। जयशंकर ने तंज कसते हुए कहा, “अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में दिक्कत है, तो मत खरीदिए। कोई मजबूर नहीं कर रहा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीद के लिए 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। इसके अलावा, भारतीय निर्यात पर पहले से ही 25% टैरिफ लागू है, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच सकता है। जयशंकर ने इसे ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि भारत अपनी ऊर्जा नीति पर दबाव स्वीकार नहीं करेगा।

पाकिस्तान के मुद्दे पर जयशंकर ने कहा, “1970 के दशक से भारत में राष्ट्रीय सहमति है कि हम भारत-पाक संबंधों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेंगे।” उन्होंने ट्रंप के मध्यस्थता के दावों को खारिज करते हुए भारत की संप्रभुता पर जोर दिया।

व्यापार वार्ता पर जयशंकर ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ बातचीत के लिए खुला है, लेकिन किसानों और छोटे उत्पादकों के हित सर्वोपरि हैं। अमेरिका भारत से डेयरी और कृषि क्षेत्र खोलने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ने इसे ठुकरा दिया है, क्योंकि इससे करोड़ों किसानों की आजीविका प्रभावित होगी।

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच ‘कट्टी’ नहीं है और बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने ट्रंप की नीतियों को असामान्य बताते हुए कहा कि यह तनाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया उनके व्यापारिक रुख से प्रभावित है।

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