Tuesday, November 3, 2026
अन्तर्राष्ट्रीय

उत्तर कोरिया का FBI पर पलटवार: बायनैंस से 6 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी के आरोपों को नकारा, किम यो-जोंग ने बताया ‘राजनीतिक साजिश’

उत्तर कोरिया का FBI पर पलटवार: बायनैंस से 6 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी के आरोपों को नकारा, किम यो-जोंग ने बताया ‘राजनीतिक साजिश’

​उत्तर कोरिया ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बायनैंस’ (Binance) से हुई 6 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग) की भारी-भरकम क्रिप्टोकरेंसी चोरी के लिए प्योंगयांग को जिम्मेदार ठहराया गया था। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग ने इस संबंध में एक कड़ा बयान जारी करते हुए इसे अमेरिका की ओर से एक गंभीर राजनीतिक साजिश और भड़काऊ कृत्य करार दिया है।

​मुख्य घटनाक्रम और FBI के आरोप

​FBI का दावा: अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने हाल ही में बयान जारी कर कहा था कि बायनैंस के जरिए हुई 6 अरब डॉलर से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चोरी के पीछे उत्तर कोरियाई शासन का हाथ है।

​’ट्रेडर ट्रेटर’ हैकिंग समूह: एफबीआई ने इस बड़ी चोरी का संबंध उत्तर कोरिया के एक जाने-माने हैकिंग ग्रुप ‘ट्रेडर ट्रेटर’ से जोड़ा है, जिसका नाम पहले भी कई साइबर अपराधों में आता रहा है।

​किम यो-जोंग का दुर्लभ बयान: दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के अनुसार, यह पहला मौका है जब किसी साइबर हैकिंग के आरोप पर सीधे तौर पर किम यो-जोंग ने बयान दिया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में उत्तर कोरिया का विदेश मंत्रालय प्रतिक्रिया देता था, जिससे संकेत मिलता है कि प्योंगयांग इस अंतरराष्ट्रीय मामले को लेकर कितना गंभीर है।

​उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया

​आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) के माध्यम से जारी बयान में किम यो-जोंग ने कहा कि:

​छवि खराब करने की साजिश: अमेरिका वैश्विक स्तर पर उत्तर कोरिया को एक ‘साइबर अपराधी देश’ के रूप में पेश करने और उसकी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को धूमिल करने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश कर रहा है।

​वाशिंगटन पर पलटवार: किम ने आरोप लगाया कि पिछले साल अमेरिकी प्रशासन ने अवैध रूप से चुराई गई क्रिप्टोकरेंसी को जब्त कर अपने रणनीतिक भंडार के रूप में इस्तेमाल करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि बरामद होने वाली क्रिप्टोकरेंसी अंततः किसके पास जाती है, इससे असल में इस घटना के पीछे छिपे असली चेहरे का पता चल सकता है।

​भविष्य की चेतावनी: उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के इस शत्रुतापूर्ण और गैरजिम्मेदाराना रवैये के मद्देनजर उन्हें कई पहलुओं पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।

​भू-राजनीतिक मायने

​विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर चिंतित है क्योंकि वह वैश्विक मंच पर खुद को एक ‘सामान्य देश’ के रूप में दिखाना चाहता है। इस बयान के जरिए प्योंगयांग न सिर्फ इन साइबर आरोपों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनने से रोकना चाहता है, बल्कि अमेरिका पर दबाव भी बना रहा है। हालांकि, इस घटना का असर भविष्य में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच होने वाली संभावित वार्ताओं पर क्या पड़ेगा, इस पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *