नागपुर के सराफा कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी, 8 व्यापारियों से मांगे 10-10 लाख रुपये
नागपुर के सराफा कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी, 8 व्यापारियों से मांगे 10-10 लाख रुपये
महाराष्ट्र में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियों का मामला अब मुंबई से बाहर नागपुर तक पहुंच गया है। नागपुर के सराफा बाजार के आठ कारोबारियों को कथित तौर पर गैंग के नाम से धमकी भरे हस्तलिखित पत्र मिले हैं। पत्रों में प्रत्येक व्यापारी से 10-10 लाख रुपये की मांग की गई है। तीन दिन के भीतर रकम नहीं देने पर गोली मारने और सिर काटने जैसी धमकियां दी गई हैं।
कुछ पत्रों में धार्मिक नारे और विवादित टिप्पणियां भी लिखी गई हैं। इसके अलावा, सराफा कारोबारियों को फोन और अन्य माध्यमों से भी धमकाने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद बाजार के व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त को दी गई जानकारी
नागपुर सराफा एसोसिएशन ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। एसोसिएशन के मुताबिक, मामले की जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी दे दी गई है और उनसे इस संबंध में चर्चा हुई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल से भी मुलाकात कर घटना की जानकारी साझा की है।
एसोसिएशन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी धमकी से घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। यदि किसी व्यापारी को धमकी भरा फोन, पत्र या कोई अन्य संदेश मिलता है, तो वह तुरंत एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश रोकड़े को इसकी सूचना दे।
व्यापारियों ने बताई धमकी भरे पत्रों की पूरी बात
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रोकड़े और सराफा एसोसिएशन के सचिव अंशुल हरडे ने इस मामले की जानकारी दी। उनके मुताबिक, आठ कारोबारियों को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से हस्तलिखित धमकी भरे पत्र मिले हैं। इनमें 10-10 लाख रुपये की मांग करते हुए तीन दिन की समयसीमा दी गई है।
व्यापारियों को रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है। मामले को लेकर एसोसिएशन ने पुलिस से शिकायत की है और प्रशासन से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए संगठन, प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच समन्वय बनाकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

