ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान: “पश्चिम एशिया में अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा, इजरायल ही युद्ध का जिम्मेदार”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान: “पश्चिम एशिया में अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा, इजरायल ही युद्ध का जिम्मेदार”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने तेहरान में आयोजित एक विशेष बैठक में पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर ईरान का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले डेढ़ साल से जारी संघर्ष और अमेरिकी-इजराइली आक्रामक युद्ध एक ‘टर्निंग पॉइंट’ (महत्वपूर्ण मोड़) हैं और इसके बाद क्षेत्र में “अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा।”
इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि “चाहे युद्ध फिर से शुरू हो या न हो, ईरान की रणनीतिक नीतियां नहीं बदलेंगी।”
अब्बास अराघची के संबोधन की मुख्य बातें:
क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी ठिकानों पर हमला:
अराघची ने कहा कि पश्चिम एशिया में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों ने न तो अपने मेजबान देशों को सुरक्षा दी है और न ही क्षेत्र में शांति स्थापित की है, बल्कि ये खुद ‘असुरक्षा का मुख्य स्रोत’ बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल तभी संभव है जब विदेशी ताकतें पूरी तरह से इस क्षेत्र से बाहर निकल जाएं और क्षेत्रीय देश बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के खुद अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इजरायल पर सीधा आरोप:
ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि इजरायल का पर्दाफाश हो चुका है और यह स्पष्ट हो गया है कि वह इस पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़काने और पड़ोसी देशों को कमजोर करने वाली एकमात्र ताकत है।
’होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर चेतावनी:
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दशकों से ईरान और ओमान ने इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित की है और यातायात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “लेकिन यहां भी अब सब कुछ पहले जैसा नहीं रहेगा।”
मध्यस्थता वार्ता और शांति की शर्त:
अराघची ने बताया कि पाकिस्तान, कतर और अन्य देशों की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ हुई बातचीत में ईरान ने स्पष्ट कर दिया था कि शांति के लिए सभी मोर्चों पर शत्रुता का समाप्त होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि क्षेत्र के एक हिस्से में शांति रहे और दूसरे हिस्से में युद्ध जारी रहे।
दिवंगत राजनयिक कमाल खराज्जी को श्रद्धांजलि:
यह बैठक ईरान के दिवंगत राजनयिक और पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराज्जी की याद में आयोजित की गई थी:
राजनयिक योगदान: खराज्जी 1997 से 2005 तक ईरान के विदेश मंत्री रहे और संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। वे अंतरराष्ट्रीय कानून, बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण विवाद समाधान के बड़े समर्थक माने जाते थे।
हमले का संदर्भ: 1 अप्रैल 2026 को तेहरान स्थित उनके आवास पर हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में खराज्जी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी। 9 अप्रैल 2026 को इलाज के दौरान खराज्जी ने भी दम तोड़ दिया था।

