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मणिपुर में नागा-कुकी हिंसा में 9 लोगों की मौत, तीन पहाड़ी जिलों में तनाव; पीएम मोदी से मिले CM खेमचंद

मणिपुर में नागा-कुकी हिंसा में 9 लोगों की मौत, तीन पहाड़ी जिलों में तनाव; पीएम मोदी से मिले CM खेमचंद

मणिपुर के कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों में नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार और शनिवार को हुई इन घटनाओं में छह नागा, दो कुकी और गोरखा समुदाय के एक किसान की जान गई। इस साल राज्य में हुई हिंसक घटनाओं में इसे सबसे गंभीर घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है। हालांकि, रविवार को तीनों जिलों से किसी नई हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली।

मुख्यमंत्री ने की शांति और संयम बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने निर्दोष नागरिकों की हत्या और हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने, कानून-व्यवस्था बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों के नेताओं और नागरिक समाज संगठनों से तनाव कम करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति, संवाद और आपसी सद्भाव को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

हिंसा में जान गंवाने वाले नौ लोगों की पहचान

हालिया झड़पों में मारे गए लोगों की पहचान की प्रक्रिया के बाद नौ पीड़ितों के नाम सामने आए हैं। इनमें छह नागा, दो कुकी और एक गोरखा समुदाय का व्यक्ति शामिल है। मृतकों में एक महिला भी है।

पीड़ितों की पहचान डोमखोनी टौथांग, माइकल न्गाम्मिनलेन हाओकिप, न्गाचान्सो निंगशेन, लीशिशन हंग्यो, माचुंगवांगबो, माचुंगमम्मंग, अजिनपो रिंगकांगमाई, रॉबर्ट और संदीप राय के रूप में की गई है।

लगातार हुई इन घटनाओं ने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है।

दिल्ली में पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री खेमचंद

मणिपुर में हिंसा के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

बैठक में इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी बस सेवाओं को दोबारा शुरू करने और राष्ट्रीय राजमार्ग-37 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर मालवाहक ट्रकों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

मणिपुर में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर रखीं मांगें

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री से कुछ राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों में अपग्रेड करने के प्रस्तावों को मंजूरी देने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का दर्जा देने की मांग भी उठाई।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मणिपुर आने का निमंत्रण दिया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि मणिपुर की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य से जुड़े उचित मुद्दों पर लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर विचार किया जाएगा।

नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कामजोंग और कांगपोकपी जिलों में निर्दोष नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि अधिकारियों को स्थिति नियंत्रित करने और शांति-व्यवस्था बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने सभी समुदायों के प्रतिनिधियों से संयम बरतने और तनाव कम करने में मदद करने की अपील की। राज्य में हालिया हिंसा के बाद अब प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाल करने की चुनौती है।

 

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