दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन और मेट्रो-बैरिकेडिंग पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश, 13 अक्टूबर तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट
दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन और मेट्रो-बैरिकेडिंग पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश, 13 अक्टूबर तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी दिल्ली में बुलाए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक अहम सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने शहर भर में आवाजाही पर लगाई गई कड़ी पाबंदियों, बैरिकेडिंग और इंटरनेट निलंबन पर गंभीर रुख अपनाते हुए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सुनवाई से जुड़ी मुख्य बातें:
बैरिकेडिंग और आवाजाही पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पूरे शहर से अनावश्यक बैरिकेडिंग तुरंत हटाई जानी चाहिए, ताकि आम जनता और वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए। अदालत ने स्पष्ट किया कि बहुत अधिक और अनिवार्य आवश्यकता होने पर ही कानून-व्यवस्था के तहत सीमित रूप से प्रतिबंध लगाए जाएं।
मेट्रो संचालन और इंटरनेट सेवाएं:
कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं अपनी सामान्य समय-सारणी के अनुसार पूरी तरह सुचारू चलनी चाहिए।
अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद न की जाएं और संचार व्यवस्था सामान्य बनी रहे।
हिरासत के मामलों पर जवाब तलब: विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर की गई कथित अवैध हिरासत से जुड़ी बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से हिरासत की परिस्थितियों और उनके कानूनी औचित्य पर स्पष्टीकरण मांगा है।
अनुपालन रिपोर्ट और अगली सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों और संबंधित पक्षों को 13 अक्टूबर (सोमवार) तक मेट्रो सेवाओं और प्रतिबंधों से जुड़ी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली मुख्य सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

