किरेन रिजिजू ने अरविंद केजरीवाल का पुराना वीडियो शेयर कर ‘एसआईआर’ पर घेरा, विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल
किरेन रिजिजू ने अरविंद केजरीवाल का पुराना वीडियो शेयर कर ‘एसआईआर’ पर घेरा, विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का वर्ष 2015 का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया है। इस वीडियो के जरिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के रुख पर तीखा हमला बोला है।
इस राजनीतिक बयानबाजी और घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:
केजरीवाल के पुराने बयानों का जिक्र:
साझा किए गए वीडियो में अरविंद केजरीवाल (वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले) दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों, डुप्लीकेट नामों और फर्जी वोटरों का हवाला देते हुए वोटर लिस्ट में व्यापक सुधार और शुद्धिकरण की मांग करते नजर आ रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने इस वीडियो को साझा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की वोटर लिस्ट में बदलाव की पुरानी मांग, इस प्रक्रिया पर विपक्ष के मौजूदा विरोध के पूरी तरह उलट है और इससे विपक्ष का दोहरा चरित्र बेनकाब होता है।
कपिल सिब्बल के पुराने भाषण का भी हवाला:
इससे पहले किरेन रिजिजू ने पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का संसद का एक पुराना वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कानून मंत्री रहते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया के नियमों और वैधानिक प्रावधानों का बचाव किया था।
वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर राजनीतिक खींचतान:
वर्तमान में ‘आप’ और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ करार देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसके विपरीत, सत्ताधारी पार्टी का तर्क है कि जो नेता पहले फर्जी वोटरों को हटाने और सूची को दुरुस्त करने की मांग करते थे, वे अब राजनीतिक नफे-नुकसान के तहत इस प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

