दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सीजेपी प्रदर्शन की अनुमति न देने की वजहों का खुलासा और आरोपों का खंडन
दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सीजेपी प्रदर्शन की अनुमति न देने की वजहों का खुलासा और आरोपों का खंडन
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्थिति और पुलिस कार्रवाई पर अपना रुख स्पष्ट किया। पुलिस उपायुक्त (DCP PRO) नेहा यादव ने प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के कारणों और सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की दादी के निधन से जुड़ी घटना पर पुलिस की ओर से दी गई प्रतिक्रिया का ब्योरा साझा किया।
दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी मुख्य बातें:
प्रदर्शन की अनुमति न देने के कारण:
डीसीपी पीआरओ नेहा यादव ने बताया कि सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि उन्होंने पिछली बार दी गई शर्तों और अंडरटेकिंग (आश्वासन) का पालन नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि पिछली बार अनुमति मिलने के बावजूद सीजेपी द्वारा जुटाई गई भीड़ ने भारी पथराव, आगजनी और हिंसा की थी। कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार अनुमति खारिज की गई।
कानूनी पाबंदियां और हिरासत:
राजधानी में सुरक्षा बनाए रखने के लिए कई संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू की गई थी, जिसके तहत किसी भी तरह के अनधिकृत जमावड़े की मनाही थी।
इसी कारण 10 अक्टूबर को अभिजीत दीपके और उनके दो साथियों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुल 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें रात में छोड़ दिया गया। जबकि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ शर्तों के साथ रविवार सुबह रिहा किया गया।
अनुमति के समय पर सवाल:
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार प्रदर्शन के लिए 10 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होता है, जबकि सीजेपी ने केवल तीन दिन पहले अनुमति मांगी थी।
अभिजीत दीपके की दादी के निधन पर पुलिस का पक्ष:
सीजेपी के अमानवीय व्यवहार के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि हिरासत के दौरान संवेदनशीलता दिखाते हुए दीपके को हरसंभव मदद (फ्लाइट, फोन कॉल आदि) की पेशकश की गई थी।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब दीपके से उनके माता-पिता से बात कराने के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने स्वयं मना कर दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।

