ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज, ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी नुकसान छिपाने का लगाया आरोप, तो मार्को रुबियो ने दी दो टूक चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज, ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी नुकसान छिपाने का लगाया आरोप, तो मार्को रुबियो ने दी दो टूक चेतावनी
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर युद्ध के दौरान हुए सैन्य नुकसान के वास्तविक आंकड़ों को छुपाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ग्रीस के दौरे पर स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
ईरान-अमेरिका तनाव और दोनों पक्षों के दावों से जुड़ी मुख्य बातें:
ईरानी विदेश मंत्री के आरोप: अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिकी ‘कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस’ (CRS) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि संघर्ष में अमेरिका के नष्ट हुए सैन्य विमानों की संख्या आधिकारिक रूप से बताए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका के 81 फिक्स्ड-विंग और रोटरी-विंग एयरक्राफ्ट (ड्रोन सहित) नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि मई में यह संख्या 42 बताई गई थी।
बेस के निरीक्षण से इनकार का मुद्दा: अराघची ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका नुकसान के आंकड़े छुपा रहा है, जिसका सबूत यह है कि सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी तक को कतर स्थित अल उदीद एयर बेस का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी।
मार्को रुबियो की दो टूक चेतावनी: एथेंस में ग्रीस के विदेश मंत्री जियोर्गोस गेरापेट्रिटिस के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन का रुख बिल्कुल साफ है—”ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर मिसाइलें और ड्रोन जमा कर रहा था, लेकिन अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता, नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ईरान की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियां: रुबियो ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और गलत नीतियों के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार गिरावट की ओर है, और ईरानी नेतृत्व अपने देश के बुनियादी ढांचे पर खर्च करने के बजाय हिजबुल्लाह, हमास, हूती और अन्य मिलिशिया समूहों को फंडिंग कर रहा है। उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला हुआ है और तेल की आवाजाही सामान्य हो रही है।

