Thursday, October 8, 2026
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उत्तराखंड में सड़क हादसों में चिंताजनक वृद्धि, पिछले 5 वर्षों में मौतों में 67 प्रतिशत का उछाल

उत्तराखंड में सड़क हादसों में चिंताजनक वृद्धि, पिछले 5 वर्षों में मौतों में 67 प्रतिशत का उछाल

​उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का एक गंभीर विषय बन गए हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ों और परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में सड़क हादसों और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के दौरान सड़क हादसों में 31 प्रतिशत और इन हादसों में हुई मौतों में 67 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

​सड़क हादसों के आंकड़े और मुख्य वजहों से जुड़ी खास बातें:

​वर्ष-दर-वर्ष हादसों के आंकड़े:

​वर्ष 2021: 1,405 हादसे, 820 मौतें, 1,091 घायल।

​वर्ष 2022: 1,674 हादसे, 1,042 मौतें, 1,613 घायल।

​वर्ष 2023: 1,691 हादसे, 1,054 मौतें, 1,488 घायल।

​वर्ष 2024: 1,747 हादसे, 1,090 मौतें, 1,547 घायल।

​वर्ष 2025: 2,121 हादसे, 1,285 मौतें, 1,925 घायल।

​अगस्त 2026 तक: 1,480 हादसे, 884 मौतें, 1,626 घायल दर्ज किए गए हैं।

​प्रमुख कारण: पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में यह सामने आया है कि अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, नौसिखिया चालकों की लापरवाही और नशे में ड्राइविंग करने के कारण हो रही हैं। पहाड़ी मार्गों पर इन लापरवाहियों का जोखिम और अधिक घातक हो जाता है, जबकि कई स्थानों पर खराब सड़कें भी हादसों का कारण बनी हैं।

​179 ब्लैक स्पॉट चिन्हित: परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में कुल 179 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) उभरे हैं। इनमें से 88 राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), 44 राष्ट्रीय राजमार्ग, 41 लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), 3 सीमा सड़क संगठन (BRO) और 2 अन्य विभागों के अंतर्गत आते हैं।

​प्रशासनिक कदम और अपील: आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडेय के अनुसार, ब्लैक स्पॉट पर वैज्ञानिक अध्ययन कराया गया है और हादसों को रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, कुमाऊं की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि जिलों में नियमित चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं और ओवरस्पीड पर सख्त लगाम लगाई जा रही है, साथ ही नागरिकों से यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है।

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