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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, देश भर में शोक की लहर, पीएम मोदी ने जताया शोक

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, देश भर में शोक की लहर, पीएम मोदी ने जताया शोक

​भारतीय सिनेमा जगत से एक अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के जाने-माने वेटरन अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। उनके अचानक हुए इस निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री, राजनीतिक जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा शोक फैल गया है।

​नाना पाटेकर के निधन और श्रद्धांजलि से जुड़ी मुख्य बातें:

​निधन का कारण: गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर उन्हें सुबह बेहोशी की हालत में पाया गया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया था। अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल की प्रक्रिया के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

​राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार: अभिनेता के भारतीय सिनेमा और समाज में अमूल्य योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उनके पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान (State Funeral) के साथ अंतिम संस्कार करने की घोषणा की है।

​शीर्ष नेतृत्व और दिग्गजों द्वारा श्रद्धांजलि:

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा था और उनके हर किरदार में एक अनोखा जोश तथा स्पष्टवादिता झलकती थी।

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे ख्याति के शिखर पर पहुंचकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे और ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किसानों की सेवा में अग्रणी रहे।

​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें एक संस्था बताते हुए कहा कि ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनकी गंभीरता और विविधता अद्वितीय थी।

​इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।

​अद्भुत कला और सामाजिक सरोकार: ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अपने सशक्त अभिनय से अमिट छाप छोड़ने वाले नाना पाटेकर पर्दे के बाहर भी ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखे से पीड़ित किसानों और जरूरतमंदों की मदद के लिए समर्पित रहे, जो उनके संवेदनशील व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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