पटना में महागठबंधन का राजभवन मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर तेजस्वी यादव समेत कई नेता हिरासत में
पटना में महागठबंधन का राजभवन मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर तेजस्वी यादव समेत कई नेता हिरासत में
बिहार की राजधानी पटना में एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी ‘महागठबंधन’ द्वारा निकाले गए राजभवन मार्च के दौरान भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
पटना राजभवन मार्च और हंगामे से जुड़ी मुख्य बातें:
प्रदर्शन और मार्च की वजह: विपक्षी पार्टियों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अन्य चुनावी मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी कड़ी में पटना में शहीद स्मारक चौक के पास महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे थे और राजभवन की ओर मार्च निकाल रहे थे।
पुलिस के साथ झड़प और बैरिकेडिंग: मार्च के दौरान पुलिस और विपक्षी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे पार करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग लांघकर काफी आगे निकल गए।
हिरासत में लिए गए दिग्गज नेता: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती सहित कई प्रमुख महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
विपक्षी दलों का रुख: विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के उनके अधिकारों को कुचलने की कोशिश कर रही है, और वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।

