नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान: ‘उन्होंने अपनी इच्छा से छोड़ा था सीएम पद, नहीं था कोई दबाव’
नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान: ‘उन्होंने अपनी इच्छा से छोड़ा था सीएम पद, नहीं था कोई दबाव’
बिहार के राजनीतिक गलियारों में अक्सर यह चर्चा होती रही है कि क्या नीतीश कुमार ने भाजपा के दबाव में आकर मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था? इस सवाल का स्पष्ट जवाब देते हुए बिहार के मौजूदा नेता सम्राट चौधरी ने एक मीडिया इवेंट में साफ किया है कि नीतीश कुमार ने किसी भी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
सम्राट चौधरी के बयान के मुख्य बिंदु:
स्वेच्छा से छोड़ा पद: सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार पर पद छोड़ने के लिए किसी तरह का कोई दबाव नहीं था और उन्होंने अपनी शर्तों व मर्जी से यह कदम उठाया था।
एनडीए के नेता: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार भले ही अब राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन वह वर्तमान में भी बिहार एनडीए के सर्वमान्य नेता हैं और इस बात को लेकर गठबंधन में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।
पुराने राजनीतिक समीकरणों का जिक्र:
सम्राट चौधरी ने वर्ष 2000 का हवाला देते हुए याद दिलाया कि तब भाजपा के पास अधिक विधायक होने के बावजूद, अटल बिहारी वाजपेयी के समर्थन से नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने थे (हालांकि बहुमत साबित न हो पाने के कारण वह सरकार एक सप्ताह ही चल पाई थी)।
इसके अलावा, उन्होंने राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1990 में लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री बनने के पीछे भी भाजपा (बाहरी समर्थन) का अहम योगदान रहा था, जिसके लिए उन्हें आभारी होना चाहिए।
समीक्षकों और राजनीतिक जानकारों के बीच समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती रहती है, लेकिन एनडीए नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार और भाजपा के बीच तालमेल और आपसी सम्मान का रिश्ता पूरी तरह मजबूत है।
