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दिल्ली चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026: अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार समेत 110 लोगों को मिला नोटिस

दिल्ली चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026: अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार समेत 110 लोगों को मिला नोटिस

​दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 अभियान के तहत आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।

​किन-किन सदस्यों को मिला नोटिस?

​नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक विशेष हिस्से में जारी किए गए इन नोटिसों में अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ निम्नलिखित पारिवारिक सदस्यों के नाम शामिल हैं:

​सुनीता केजरीवाल (पत्नी)

​पुलकित केजरीवाल (पुत्र)

​गोबिंद राम केजरीवाल (पिता)

​गीता देवी (माता)

​चुनाव आयोग की सूची के अनुसार, इस विशेष क्षेत्र में कुल 110 लोगों को इसी श्रेणी के तहत नोटिस भेजे गए हैं।

​क्या है ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी?

​सभी प्रभावित सदस्यों को ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब यह है कि इन मतदाताओं का वर्तमान विवरण पिछली SIR प्रक्रिया के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा सका है। ऐसे मामलों में मतदाताओं को अपनी जानकारी का दोबारा सत्यापन (Verification) कराना होता है, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

​केजरीवाल के पहले के आरोप और ‘आप’ की प्रतिक्रिया

​यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अरविंद केजरीवाल पहले से ही इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते रहे हैं।

​31 अगस्त का दावा: इससे पहले केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर दावा किया था कि दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम गायब हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा था कि यदि इसी तरह नाम हटाए जाते रहे, तो यह प्रक्रिया देश की आबादी को 140 करोड़ से घटाकर 50 करोड़ तक पहुंचा सकती है।

​आम आदमी पार्टी का हमला: ‘आप’ नेता अनुराग ढांडा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि यह कोई साधारण प्रक्रिया नहीं बल्कि विरोधियों के वोट काटने का खेल है। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन बार के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम इस तरह प्रभावित होना कौन सी प्रक्रिया के तहत आता है।

​क्या है SIR अभियान?

​दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए SIR अभियान के तहत बड़े पैमाने पर घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया है। यह अभियान 30 जून से 17 अगस्त तक चलाया गया था, जिसके तहत आयोग के अनुसार दिल्ली के लगभग 67.18 फीसदी मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर उन्हें डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका है।

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