‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ रिव्यू: रिश्तों, चाहत और उलझी परतों का बेहतरीन एंथोलॉजी सफर, मिलती है 4 स्टार रेटिंग
‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ रिव्यू: रिश्तों, चाहत और उलझी परतों का बेहतरीन एंथोलॉजी सफर, मिलती है 4 स्टार रेटिंग
लोकप्रिय फ्रेंचाइजी ‘लस्ट स्टोरीज़’ के शुरुआती दो भागों की सफलता के बाद अब इसका तीसरा चैप्टर यानी ‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ दर्शकों के सामने है। यह एंथोलॉजी कोई पूरी तरह नया फॉर्मूला लेकर नहीं आती, बल्कि इससे भी ज्यादा मजेदार काम करती है। इसमें चार जाने-माने फिल्ममेकर्स को अपनी-अपनी शैली में चाहत, रिश्तों और इंटिमेसी को गहराई से समझने और दिखाने की पूरी आज़ादी मिलती है। इसका नतीजा एक ऐसी एंथोलॉजी के रूप में सामने आता है जो कभी आपको असहज करती है, कभी हंसाती है, कभी इमोशनल करती है तो कभी अपने क्वर्की अंदाज़ से चौंका देती है।
चारों निर्देशकों के शानदार सेगमेंट्स:
विक्रमादित्य मोटवानी का सेगमेंट: इस कहानी में राधिका आप्टे, कोंकणा सेनशर्मा, विजय वर्मा और अभिषेक शर्मा नजर आते हैं। ‘हसबैंड स्वैपिंग’ (पति-पत्नी की अदला-बदली) जैसे जटिल और बोल्ड विषय को कोरियन फिक्शन से इंस्पायर्ड ट्रीटमेंट एक अलग ही रंग देता है। कलाकारों की उम्दा एक्टिंग इसे सिर्फ एक बोल्ड आइडिया तक सीमित नहीं रहने देती।
किरण राव का सेगमेंट: गुरफतेह पीरज़ादा और सना थंपी की यह कहानी ड्रग्स, पैसे और धोखे के चक्कर पर आधारित है। एक क्लासिक कॉन स्टोरी की तरह आगे बढ़ने वाली यह कहानी लगातार नए ट्विस्ट देती है और इसका एक सरप्राइज ट्विस्ट वाकई मजेदार है।
शकुन बत्रा का सेगमेंट: अली फज़ल और राधिका मदान स्टारर यह कहानी रिश्तों की उन कड़वी और असल हकीकतों से रूबरू कराती है जो ग्लैमर से कोसों दूर हैं। शादी, लस्ट, थेरेपी, माता-पिता का दबाव और तलाक के ताने-बाने में लिपटी यह कहानी साबित करती है कि रिश्ते कभी भी सिर्फ ब्लैक एंड व्हाइट नहीं होते।
विशाल भारद्वाज का सेगमेंट: साल 1987 के पीरियड सेट पर आधारित यह कहानी माहौल को पूरी तरह बदल देती है। अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ और गजराज राव सेक्स एजुकेशन से जुड़ी इस अनूठी कहानी का हिस्सा हैं। इसमें ‘नक्स वोमिका’ और ‘बेलाडोना’ जैसे रेफरेंसेज़ एक अलग ही क्वर्की तड़का लगाते हैं।
निष्कर्ष और रेटिंग
‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अपनी चारों कहानियों को एक जैसा दिखाने की जिद नहीं करती। यदि आपको ऐसी ओटीटी फिल्में पसंद हैं जो रिश्तों की सीधी-सपाट परिभाषा के बजाय उनकी उलझी हुई और वास्तविक परतों को दर्शाती हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसे केवल बोल्ड कहानियों का संग्रह समझना इसके असली मर्म को कम करना होगा।
इस बेहतरीन सिनेमाई अनुभव के लिए लस्ट स्टोरीज 3 को 4 स्टार की रेटिंग दी जाती है।
