मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराए जाने के बाद सऊदी गठबंधन की कड़ी चेतावनी, दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को बताया ‘रेड लाइन’
मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराए जाने के बाद सऊदी गठबंधन की कड़ी चेतावनी, दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को बताया ‘रेड लाइन’
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा उनके लिए ‘रेड लाइन’ है। यह बयान तब सामने आया जब सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के दक्षिण में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लॉन्च किए गए एक ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया।
सऊदी गठबंधन की चेतावनी और मुख्य बिंदु:
प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसपैठ: सऊदी गठबंधन के मुताबिक, इस ड्रोन को मंगलवार शाम मक्का अल-मुकर्रमा के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया गया था। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे ‘दुश्मनी भरा और आतंकवादी कृत्य’ करार दिया।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी: अल-मलिकी ने स्पष्ट किया कि गठबंधन की संयुक्त सेना हूती आंदोलन के खिलाफ ‘जरूरी और निवारक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।’ उन्होंने याद दिलाया कि यह मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश है, इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की घटना सामने आई थी।
हूती विद्रोहियों के आरोप और जवाबी दावे:
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर सऊदी अरब पर पलटवार किया है।
सऊदी हमलों का दावा: हूती प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी युद्धक विमानों (F-15 और टाइफून) ने 52 हवाई हमले किए हैं, जिसमें ताइज, अल-जौफ, सादा और अमरान प्रांतों को निशाना बनाया गया।
तनाव में बढ़ोतरी: हूतियों ने इन हमलों का जवाब देने की धमकी दी है। हाल ही में यमन के कुछ अहम ठिकानों पर हूतियों के कब्जे के बाद से सऊदी अरब की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर मंडराता खतरा:
इन ताजा घटनाक्रमों के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Strait of Bab-el-Mandeb) को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं। हूती विद्रोहियों द्वारा इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा संकट मंडरा रहा है, और मक्का के पास ड्रोन गिराए जाने की इस घटना से रियाद और हूतियों के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
