भारत की मदद से श्रीलंका के मन्नार में बनी नई ‘एक्सीडेंट और इमरजेंसी यूनिट’: राष्ट्रपति दिसानायके और उच्चायुक्त संतोष झा ने रखी आधारशिला
भारत की मदद से श्रीलंका के मन्नार में बनी नई ‘एक्सीडेंट और इमरजेंसी यूनिट’: राष्ट्रपति दिसानायके और उच्चायुक्त संतोष झा ने रखी आधारशिला
श्रीलंका के मन्नार स्थित डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में बुधवार को एक नई दो-मंजिला ‘एक्सीडेंट और इमरजेंसी यूनिट’ (दुर्घटना एवं आपातकाल इकाई) का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को भारत सरकार की आर्थिक सहायता (ग्रांट) से तैयार किया जा रहा है।
शिलान्यास समारोह के मुख्य बिंदु:
दिग्गजों की मौजूदगी: इस यूनिट के शिलान्यास कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, स्वास्थ्य और जनसंचार मंत्री नलिंदा जयतिस्सा और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वित्तीय सहायता: भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार द्वारा 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये (SLR) की ग्रांट दी गई है। इस राशि से न केवल इमारत का निर्माण होगा, बल्कि यूनिट के लिए जरूरी आधुनिक मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
’गोल्डन आवर’ में जीवन रक्षा: उच्चायुक्त संतोष झा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि यह यूनिट दुर्घटना या गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थिति के दौरान सबसे अहम माने जाने वाले ‘गोल्डन आवर’ में मरीजों को समय पर और बेहतर चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने में बेहद मददगार साबित होगी। उन्होंने इसे भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चली आ रही जन-केंद्रित साझेदारी का सच्चा प्रमाण बताया है।
भारत और श्रीलंका के बीच अन्य सहयोग और प्रोजेक्ट्स:
भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों और विकास कार्यों के तहत हाल ही में कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं:
मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन: गत 4 सितंबर को उच्चायुक्त संतोष झा ने पोलोन्नारुवा में श्रीलंकाई संसद के स्पीकर डॉ. जगत विक्रमरत्ने और उप मंत्री टी बी सरथ के साथ मिलकर 21वें मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन किया था। भारत की ग्रांट से चलने वाला यह मॉडल विलेज प्रोजेक्ट श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैला हुआ है।
इंडिया-श्रीलंका फाउंडेशन (ISLF) की बैठक: पिछले महीने 28 अगस्त को नई दिल्ली में आईएसएलएफ की 41वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी सह-अध्यक्षता उच्चायुक्त संतोष झा और भारत में श्रीलंका की हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने की थी। 1998 में स्थापित यह ट्रस्ट फंड दोनों देशों के बीच आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।
