पश्चिम बंगाल उपचुनाव: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं से की विकास के साथ जुड़ने की अपील, कहा— यह तय करने का है मौका
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं से की विकास के साथ जुड़ने की अपील, कहा— यह तय करने का है मौका
पश्चिम बंगाल में होने वाले दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह उपचुनाव मतदाताओं के लिए एक परीक्षा की तरह है, जहां उन्हें यह तय करना होगा कि वे राज्य की बीजेपी सरकार के साथ विकास की राह पर चलना चाहते हैं या नहीं।
बयान और मुख्य बातें:
नंदीग्राम और रेजिनगर में उपचुनाव: न्यूज एजेंसी पीटीआई और एएनआई के अनुसार, नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए मंगलवार को पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में एसडीओ कार्यालय में नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के नामांकन के दौरान सीएम ने यह बातें कहीं।
विकास बनाम विरोध: शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। उन्हें धर्म के आधार पर बीजेपी का विरोध करने के बजाय विकास का साथ चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में लगभग 30 फीसदी और रेजिनगर में करीब 70 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता हैं। सरकार बीजेपी की है और यही क्षेत्र का वास्तविक विकास करेगी।
बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक का सवाल नहीं: सीएम ने स्पष्ट किया कि यह बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक का मुद्दा नहीं है, बल्कि सबका साथ लेकर विकास के जरिए समाज के हर वर्ग का समर्थन हासिल करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों को मिल रहे जनसमर्थन के चलते बीजेपी इस बार नंदीग्राम सीट को 50,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीतेगी।
सीटों का पृष्ठभूमि:
नंदीग्राम विधानसभा सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट को चुना। वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर द्वारा रेजिनगर और नौदा दोनों सीटों पर जीतने के बाद रेजिनगर सीट छोड़े जाने के कारण वहां नए सिरे से चुनाव हो रहे हैं।
