भोपाल में UCC के खिलाफ ओवैसी का तीखा हमला: बोले— ‘निकाह कॉन्ट्रैक्ट है, जन्म-जन्म का साथ नहीं’, बीजेपी विधायक पर भी साधा निशाना
भोपाल में UCC के खिलाफ ओवैसी का तीखा हमला: बोले— ‘निकाह कॉन्ट्रैक्ट है, जन्म-जन्म का साथ नहीं’, बीजेपी विधायक पर भी साधा निशाना
भोपाल की सेंट्रल लाइब्रेरी में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के खिलाफ आयोजित एक विशाल जनसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने निकाह, आदिवासी आरक्षण, आरएसएस और बीजेपी विधायक के बयानों को लेकर कई तीखे और विवादित बयान दिए, जिससे सूबे की सियासत गरमा गई है।
ओवैसी के भाषण और बयानों के प्रमुख बिंदु:
’निकाह जन्म-जन्म का साथ नहीं, बल्कि एक कॉन्ट्रैक्ट है’: ओवैसी ने हिंदू और मुस्लिम विवाह व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि जहां हिंदुओं में विवाह को जन्म-जन्म का बंधन माना जाता है, वहीं इस्लाम में निकाह एक कॉन्ट्रैक्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के माध्यम से गैर-हिंदुओं पर जबरन हिंदू मैरिज एक्ट थोपने की कोशिश की जा रही है।
’मुसलमानों को टारगेट करने के लिए लाया गया UCC’: ओवैसी ने कहा कि मध्य प्रदेश का UCC कानून मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में करीब 21 फीसदी आदिवासी आबादी को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि 9 फीसदी मुस्लिम आबादी को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि यदि आदिवासियों की अलग पहचान का सम्मान किया जा सकता है, तो मुसलमानों के साथ अलग व्यवहार क्यों?
RSS पर निशाना: ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमला बोलते हुए कहा कि जब सदियों में इस्लाम को कोई समाप्त नहीं कर सका, तो “आरएसएस कौन सी खेत की मूली है।” उन्होंने गोलवलकर और सावरकर के विचारों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल देश के संविधान को मानते हैं।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा पर विवादित टिप्पणी: ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के उस पुराने बयान का कड़ा विरोध किया, जिसमें उन्होंने ‘करोंद चौराहे से मिसाइल गिराने’ की बात कही थी (हालांकि विधायक ने बाद में सफाई देते हुए इसे इस्लामाबाद का काजी कैंप बताया था)। ओवैसी ने मंच से चुनौती देते हुए कहा, “रामेश्वर शर्मा तुम माई के लाल हो तो बताओ कब लॉन्च करोगे… आपके अंदर दम है तो गिराकर बताओ।”
ओवैसी के इस तीखे तेवर और बयानों के बाद मध्य प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है, और इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं।
