यमन में फिर भड़की हिंसा: सऊदी गठबंधन के 54 हवाई हमलों का दावा, विस्थापित हुए 1.25 लाख लोग और लाल सागर में गहराया संकट
यमन में फिर भड़की हिंसा: सऊदी गठबंधन के 54 हवाई हमलों का दावा, विस्थापित हुए 1.25 लाख लोग और लाल सागर में गहराया संकट
पश्चिम एशिया में जारी सामरिक तनाव के बीच यमन एक बार फिर भीषण जंग के मुहाने पर खड़ा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पिछले 24 घंटों के भीतर देश के विभिन्न प्रांतों पर 54 हवाई हमले किए हैं। यह टकराव ऐसे समय में और तीव्र हुआ है जब हूती लड़ाके लाल सागर के सामरिक तटीय क्षेत्रों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहे हैं।
संघर्ष से जुड़े प्रमुख बिंदु:
एफ-15 और टाइफून विमानों से बमबारी: हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, सऊदी वायुसेना ने अपने एफ-15 (F-15) और यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर ताइज़, लहज, अल-जौफ़, मारिब और रणनीतिक बंदरगाह शहर होदेइदा को निशाना बनाया है। वहीं, हूतियों ने भी सऊदी सीमा के भीतर सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागने का दावा किया है।
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा: हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तटीय गलियारे और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के प्रमुख केंद्र ‘बाब अल-मंदेब स्ट्रेट’ पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पहले से संवेदनशील होने के कारण, बाब अल-मंदेब में बढ़ता सैन्य टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री माल ढुलाई के लिए नए खतरे पैदा कर रहा है।
मानवीय संकट और विस्थापन: संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से भड़की हिंसा के कारण कम से कम 1.25 लाख लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मानवाधिकार कार्यालय ने इस महीने के पहले दो हफ्तों में 40 नागरिकों के हताहत होने (8 की मौत, 32 घायल) की पुष्टि की है, जिनमें आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
राहत कार्यों में बाधा: सुरक्षा जोखिमों और सड़कों के बंद होने के कारण पश्चिमी तट के कई इलाकों में राहत एजेंसियों की आवाजाही रुक गई है। भारी फंडिंग की कमी और सामग्री के अभाव के बीच संयुक्त राष्ट्र और सहयोगी संगठन सीमित संसाधनों के साथ मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारी सैन्य नुकसान का दावा: सरकारी समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के अनुसार, 9 अगस्त से 10 सितंबर के बीच पश्चिमी तट पर हुई भीषण झड़पों में 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए और लगभग 1,500 घायल हुए, जबकि इस दौरान 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे जाने का दावा किया गया है।
यह पूरा संघर्ष उस व्यापक सैन्य अभियान के बाद तेजी से फैला है, जिसे हूती समूह ने 3 सितंबर को शुरू किया था। इसके चलते लाल सागर तट पर नियंत्रण की स्थिति पूरी तरह बदल गई है और हूती लड़ाकों ने कई नए क्षेत्रों पर कब्जा जमा लिया है।
