ट्रंप का बड़ा बयान: ईरान के साथ तनातनी को बताया ‘मामूली सैन्य संघर्ष’; नतांज के पास ‘माउंट कलांग’ पर हमले की दी चेतावनी
ट्रंप का बड़ा बयान: ईरान के साथ तनातनी को बताया ‘मामूली सैन्य संघर्ष’; नतांज के पास ‘माउंट कलांग’ पर हमले की दी चेतावनी
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए इसे पूर्णकालिक युद्ध मानने से इनकार किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव को अमेरिका के लिए ‘बहुत मामूली बात’ करार दिया।
इसी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र के निकट स्थित रणनीतिक रूप से सुरक्षित भूगर्भीय ठिकाने ‘माउंट कलांग’ (कलांग पर्वत) पर बड़ा हमला कर सकती है।
1. निशाने पर ‘माउंट कलांग’: नतांज के पास सुरंगों से बना सुरक्षित किला
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का दायरा और अधिक व्यापक हो सकता है:
सुरंगों से लैस सुरक्षित ठिकाना: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही कलांग पर्वत को निशाना बना सकता है। माउंट कलांग ईरान के प्रमुख नतांज यूरेनियम संवर्धन संयंत्र (Natanz Enrichment Facility) के बेहद करीब स्थित एक अत्यधिक किलेबंद सैन्य इलाका है, जिसमें जमीन के भीतर गहरी सुरंगें बनी हुई हैं।
रणनीतिक महत्व: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूमिगत ठिकाने का इस्तेमाल कथित तौर पर ईरान की संवेदनशील परमाणु, मिसाइल गतिविधियों और भूमिगत कमांड सेंटर के तौर पर किया जाता रहा है।
2. ‘यह कोई बड़ा युद्ध नहीं, महज सैन्य संघर्ष है’: ट्रंप
ईरान के साथ चल रही सैन्य गतिविधियों को वियतनाम जैसे ऐतिहासिक युद्धों की तुलना में काफी कमतर बताते हुए ट्रंप ने अपनी विदेश नीति का बचाव किया:
संघर्ष की परिभाषा: ट्रंप ने कहा, “बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे एक सैन्य संघर्ष (Military Conflict) कहता हूं, क्योंकि यह हमारे लिए बहुत मामूली बात है।”
हताहतों की तुलना: अपने रुख को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा, “हमने वेनेजुएला में कार्रवाई की, जहां हमारा एक भी जवान हताहत नहीं हुआ। ईरान के साथ संघर्ष में हमने अब तक 18 सैनिक खोए हैं, जबकि वियतनाम युद्ध में अमेरिका ने एक लाख लोग गंवाए थे।”
3. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के रुख से भी मिले आक्रामक संकेत
व्हाइट हाउस की एकीकृत नीति: राष्ट्रपति ट्रंप से पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्पष्ट किया था कि वाशिंगटन ईरान में जारी सैन्य अभियानों को पारंपरिक युद्ध की श्रेणी में नहीं रखता है।
बढ़ता तनाव: दोनों शीर्ष अमेरिकी नेताओं के बयानों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखने और चुनिंदा रणनीतिक ठिकानों पर सटीक (Precision) हमले जारी रखने की नीति पर कायम है, जिससे मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में तनाव और गहराने के आसार हैं।
