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SRCC शताब्दी समारोह में पीएम मोदी: ‘दिमागी नक्सल’ से लेकर ‘नाराज फूफा’ तक; विपक्ष पर तीखा हमला, विकसित भारत का रखा रोडमैप

SRCC शताब्दी समारोह में पीएम मोदी: ‘दिमागी नक्सल’ से लेकर ‘नाराज फूफा’ तक; विपक्ष पर तीखा हमला, विकसित भारत का रखा रोडमैप

​नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए 2014 से पहले के भारत और आज के सशक्त भारत का तुलनात्मक खाका पेश किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश के विकास में रोड़ा अटकाने वाले आलोचकों और विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्हें “नाराज फूफा” और “दिमागी नक्सल” की संज्ञा दी।

​1. ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ पर पीएम मोदी का तंज

​होम्योपैथिक गोली का असर: स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उन्होंने आलोचकों को ‘दिमागी नक्सल’ शब्द रूपी “होम्योपैथिक गोली” दी थी। जैसे होम्योपैथी में शुरुआत में बीमारी उभरती है, वैसे ही अब सारे दिमागी नक्सल बाहर निकलकर आ रहे हैं और जनता उनका असली रंग देख रही है।

​हर विकास कार्य पर ‘नाराज फूफा’: देश निर्माण में रोड़े अटकाने वालों की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए पीएम ने कहा कि कुछ लोग हर मुद्दे पर ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं।

​”स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई तो बोले—इसकी क्या जरूरत है? बुलेट ट्रेन, यूपीआई (UPI), सेमीकंडक्टर चिप, नई संसद भवन और राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पर भी उन्होंने यही कहा। लेकिन देश ने ऐसे फूफाओं को मुंहतोड़ जवाब दिया है।”

​2. 2013 बनाम आज का भारत: संकट प्रबंधन और सुरक्षा

​पुराने दौर के संकट: पीएम ने याद दिलाया कि 2013 में केदारनाथ आपदा, 2008 का बैंकिंग संकट और 2008 का मुंबई 26/11 आतंकी हमला हुआ, लेकिन तत्कालीन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

​मौजूदा दौर की चुनौतियां: पीएम ने कहा कि बीते वर्षों में उनकी सरकार ने भी कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और हालिया ईरान संघर्ष जैसे बड़े वैश्विक संकटों का सामना किया है, फिर भी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

​सुरक्षित भारत: आज का भारत 2013 की तुलना में आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं अधिक सुरक्षित है। पिछले एक दशक में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) हुए हैं, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक बाजार खुल रहे हैं।

​3. युवाओं से संवाद: स्टार्टअप, अंतरिक्ष और ओलंपिक का विजन

​SRCC मोड से बाहर की दुनिया: पीएम ने कहा कि छात्र अभी “कोल्ड कॉफी और बिजनेस कॉन्क्लेव” वाले SRCC मोड में हैं, लेकिन कैंपस के बाहर भारत अवसरों का गढ़ बन चुका है।

​सपनों का विस्तार: 2013 से पहले युवा ऐसे सपने नहीं देख सकते थे, जबकि आज युवा खुद का स्टार्टअप, यूनिकॉर्न (Unicorn) और स्पेस-टेक (Space-tech) वेंचर शुरू कर रहे हैं।

​ग्लोबल कंपनियों का भारत से उदय: पीएम ने संकल्प लेने का आह्वान किया, “हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की शीर्ष MNCs चला रहे हैं, तो वे कंपनियां खुद भारतीय क्यों नहीं हो सकतीं?”

​भविष्य के लक्ष्य: भारत जल्द ही अनुसंधान का केंद्र बनेगा, देश का अपना अंतरिक्ष स्टेशन (Space Station) होगा और भारत में ओलंपिक खेलों की मेजबानी होगी।

​4. आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प (पीएम की पंक्तियां)

​अपने भाषण का समापन प्रधानमंत्री ने प्रेरक पंक्तियों के साथ किया:

​”नाव भी हमारी, नाविक भी हमारा। लहरों पर जीत लिखने का हौसला भी हमारा। उड़ान भी हमारी, हवाओं का सामना करने का जुनून भी हमारा। सपना भी हमारा, संकल्प भी हमारा। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी हमारा। विकसित भारत के मार्ग पर हमारा हर कदम भी हमारा हो।”

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