बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब बिना राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के CBI नहीं कर सकेगी जांच; नई अधिसूचना जारी
बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब बिना राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के CBI नहीं कर सकेगी जांच; नई अधिसूचना जारी
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को लेकर एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, अब राज्य में किसी भी मामले की जांच के लिए CBI को बिहार सरकार की पूर्व अनुमति (General Consent Withdrawn/Prior Consent Required) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
गृह विभाग ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम के तहत 3 सितंबर 2026 को यह नई अधिसूचना जारी की है।
1. किन-किन मामलों और संस्थानों पर लागू होगा यह नियम?
राज्य के लोक सेवक: बिहार सरकार के अधीन नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े सभी मामलों में बिना पूर्व सहमति के CBI कोई सीधी कार्रवाई या जांच शुरू नहीं कर सकेगी।
निगम, बैंक और सार्वजनिक उपक्रम: राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी निगम (Corporation), कंपनी, बैंक या सरकारी संस्थान से जुड़े मामलों में भी राज्य की अनुमति जरूरी होगी।
वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थान: बिहार सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय मदद या अनुदान (Financial Assistance) प्राप्त करने वाले शैक्षणिक या अन्य संस्थानों के खिलाफ जांच के लिए भी यही नियम लागू रहेगा।
2. केस-टू-केस (Case-by-Case) आधार पर मिलेगा फैसला
परिस्थितियों के अनुसार निर्णय: नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार हर मामले की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अलग से यह फैसला लेगी कि CBI को जांच की शक्ति दी जाए या नहीं।
संबद्ध कानून: अधिसूचना में नए कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 के साथ-साथ आईटी एक्ट (IT Act) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत दर्ज अपराधों को शामिल किया गया है।
