Thursday, September 3, 2026
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NHAI टोल प्लाजा और GST फर्जीवाड़े पर ED का बड़ा क्रैकडाउन: देशभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी, ₹27 करोड़ से अधिक के नुकसान का खुलासा

NHAI टोल प्लाजा और GST फर्जीवाड़े पर ED का बड़ा क्रैकडाउन: देशभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी, ₹27 करोड़ से अधिक के नुकसान का खुलासा

​नई दिल्ली: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी वसूली और करोड़ों रुपये के जीएसटी (GST) फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत ईडी की टीमों ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम बंगाल (कोलकाता) समेत 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

​1. अनऑथराइज्ड सॉफ्टवेयर से फर्जी टोल वसूली का खेल

​फर्जी रसीदें और रकम की हेराफेरी: जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा एक अनधिकृत (Unauthorised) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर फर्जी टोल रसीदें बनाई जा रही थीं।

​NHAI को चपत: टोल से वसूले गए राजस्व को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में दर्ज करने के बजाय बाहर ही डायवर्ट किया जा रहा था, जिससे एनएचएआई को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

​फॉरेंसिक जांच में पुष्टि: फॉरेंसिक जांच और NHAI के आंतरिक रिकॉर्ड से इस अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हो चुकी है। ईडी फिलहाल डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों के जाल और मनी ट्रेल के जरिए असली लाभार्थियों की तलाश कर रही है।

​2. 27.02 करोड़ रुपये का GST व इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाला

​ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में फर्जी इनवॉइस और टैक्स चोरी के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है:

​सरकारी खजाने को नुकसान: आरोपियों की कंपनी और उसके निदेशकों ने फर्जीवाड़ा करके सरकारी खजाने को कुल ₹27.02 करोड़ का सीधा नुकसान पहुंचाया।

​जाली ई-वे बिल और फर्जी ITC: बिना किसी माल की वास्तविक खरीद-बिक्री के जाली ट्रांसपोर्ट रसीदें, फर्जी इनवॉइस और फर्जी ई-वे बिल तैयार किए गए। इसके जरिए करीब ₹10.28 करोड़ का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करके आगे पास किया गया।

​शेल कंपनियों का नेटवर्क और कैश निकासी: लाभार्थी फर्मों से मिलने वाले फंड को उसी दिन कई शेल (मुखौटा) कंपनियों के बैंक खातों में घुमाया जाता था और अंत में उसे कैश (नकद) के रूप में निकालकर ठिकाने लगा दिया जाता था।

​ईडी की टीम फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है ताकि घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ शिकंजा कसा जा सके।

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