9 महीने के लंबे समुद्री अभियान के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन: 5,000 नौसैनिक पटाया में करेंगे आराम
9 महीने के लंबे समुद्री अभियान के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन: 5,000 नौसैनिक पटाया में करेंगे आराम
पटाया (थाईलैंड): लगातार लगभग नौ महीने (270 से अधिक दिन) तक समुद्र में तैनात रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल परमाणु संचालित विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया है। इस लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद अमेरिका लौटने से पहले पोत पर मौजूद करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन कमांडोज को पटाया में 5 दिनों का विश्राम (R&R) दिया गया है।
एशिया-प्रशांत से मध्य पूर्व तक की कठिन तैनाती
अभियान की शुरुआत: यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में कैलिफोर्निया स्थित अपने बेस से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए रवाना हुआ था।
मध्य पूर्व में भूमिका: बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के बीच इसे मध्य पूर्व क्षेत्र में तैनात किया गया था।
राहत और वापसी: अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में इसकी जगह ली, जिसके बाद यूएसएस अब्राहम लिंकन की अमेरिका वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई।
मानसिक व शारीरिक दबाव: 9 महीने के लंबे कार्यकाल के दौरान सीमित स्थान और लगातार ऑपरेशनल दबाव के कारण नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी अमेरिकी मीडिया में चिंताएं जताई गई थीं।
सैनिकों के स्वागत के लिए पटाया में तैयारियां और सुरक्षा
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 के कमांडर, रियर एडमिरल रॉबर्ट लॉफ्रन ने कहा कि लाम चाबांग पहुंचने से नौसैनिकों को नई ऊर्जा प्राप्त करने का एक बहुत जरूरी मौका मिला है।
अर्थव्यवस्था को गति: 5,000 अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय होटल, रेस्तरां, परिवहन और पर्यटन व्यवसाय को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
कड़े सुरक्षा प्रबंध: पटाया प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही, स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों को सैनिकों से मनमाने दाम न वसूलने की सख्त हिदायत दी गई है।
वियतनाम युद्ध के समय से ही पटाया अमेरिकी सैनिकों के मनोरंजन और विश्राम का एक प्रमुख केंद्र रहा है। अमेरिकी नौसेना ने इस पड़ाव को अमेरिका और थाईलैंड के बीच दशकों पुराने सैन्य और रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया है।
