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इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को रिश्वत मामले में 5 साल की सजा

इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को रिश्वत मामले में 5 साल की सजा

इक्वाडोर की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को देश के सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े रिश्वत मामले में दोषी ठहराते हुए 5 साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से भी स्थायी रूप से अयोग्य कर दिया है।

चीन की कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप

73 वर्षीय मोरेनो को चीन की सरकारी कंपनी सिनोहाइड्रो से रिश्वत लेने और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के ठेके से जुड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क में भूमिका निभाने का दोषी पाया गया।

मामला करीब 2 अरब डॉलर की लागत से बने कोका कोडो सिनक्लेयर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 2009 से 2018 के बीच फर्जी कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए करीब 7.61 करोड़ डॉलर की रिश्वत का लेन-देन हुआ। जांच में रकम को विदेशी खातों और शेल कंपनियों के जरिए ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया।

परिवार के सदस्य भी दोषी

मामले में मोरेनो की पत्नी, बेटी, दो भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया है। उनकी पत्नी और बेटी को ढाई-ढाई साल की सजा सुनाई गई है। चीन के पूर्व राजदूत कै रुनगुओ को भी 5 साल की सजा मिली है।

मोरेनो ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि जांच में उन्हें निशाना बनाया गया।

जेल की बजाय हाउस अरेस्ट

मोरेनो की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अदालत ने उन्हें जेल भेजने के बजाय हाउस अरेस्ट में सजा काटने का आदेश दिया है।

इसके अलावा अदालत ने दोषियों को कथित तौर पर अवैध रूप से हासिल रकम की तीन गुना राशि 90 दिनों के भीतर वापस करने का भी आदेश दिया है।

इस फैसले के बाद मोरेनो इक्वाडोर के उन पूर्व राष्ट्रपतियों में शामिल हो गए हैं जिन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अदालत से सजा मिली है।

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