ओडिशा में बाढ़ से 2.70 लाख लोग प्रभावित, 95 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
ओडिशा में बाढ़ से 2.70 लाख लोग प्रभावित, 95 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
ओडिशा में बाढ़ के हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। राज्य की कुछ प्रमुख नदियों का जलस्तर भले ही घटने लगा है, लेकिन कई इलाके अब भी जलमग्न हैं। लगातार बारिश के कारण कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। राज्य प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
6 जिलों के 2.70 लाख लोग प्रभावित
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से 6 जिले, 52 ब्लॉक, 227 ग्राम पंचायतें और 503 गांव प्रभावित हुए हैं। इससे करीब 2,70,212 लोग प्रभावित बताए गए हैं।
प्रशासन की खास नजर मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और केंदुझार जैसे प्रभावित जिलों पर है। संबंधित जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
95 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रिपोर्ट के अनुसार अब तक 95,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन लोगों को 226 शेल्टर होम में रखा गया है, जहां भोजन, पीने का पानी, साफ-सफाई, रोशनी और चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राहत और बचाव अभियान के लिए कुल 118 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 36 ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), 7 NDRF, 35 फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और 40 पुलिस, सिविल डिफेंस तथा स्थानीय टीमें शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी खास फोकस
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 62 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने दवाइयों, ORS, IV फ्लूइड और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने की व्यवस्था की है, ताकि आपात स्थिति में लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
पशुओं के इलाज के लिए भी 31 वेटेरिनरी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं। इसके अलावा 22 वेटेरिनरी कैंप लगाए गए हैं। अब तक 51 पशुओं का इलाज या टीकाकरण किया गया है।
पशुओं के लिए 357 मीट्रिक टन चारा उपलब्ध
प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित समुदायों और पशुधन की मदद के लिए अब तक 357.2 मीट्रिक टन पशु आहार उपलब्ध कराया गया है।
राज्य सरकार के मुताबिक, राहत और बचाव टीमें तथा संबंधित विभाग चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों तक भोजन, साफ पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सामान समय पर पहुंचाया जा सके।
लगातार स्थिति पर नजर
विशेष राहत आयुक्त (SRC) के कार्यालय ने कहा है कि पूरे राज्य में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित प्रशासन और विभागों को किसी भी नई आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत पहुंचाने और हालात सामान्य होने तक जरूरी सेवाएं बनाए रखने पर है।
