सुखबीर सिंह बादल पर हमले को हरसिमरत कौर ने बताया ‘राजनीतिक साजिश’, NIA जांच की मांग
सुखबीर सिंह बादल पर हमले को हरसिमरत कौर ने बताया ‘राजनीतिक साजिश’, NIA जांच की मांग
नांदेड़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले को लेकर उनकी पत्नी और बठिंडा से लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हमले को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार देते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है।
हरसिमरत कौर ने कहा कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें सिख नहीं कहा जा सकता। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने का अनुरोध करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने की बात कही। साथ ही उन्होंने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की, ताकि कथित साजिश का सच सामने आ सके।
‘सुखबीर किसी राष्ट्र-विरोधी ताकत से नहीं डरेंगे’
हरसिमरत कौर ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह किसी भी राष्ट्र-विरोधी ताकत से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि सुखबीर जल्द ही पंजाब में होने वाली राजनीतिक रैलियों में भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि जिस समय सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ, उस वक्त वह सिखों के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक में पंजाब की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे थे।
‘पंजाब की शांति भंग करने की साजिश’
हरसिमरत कौर ने दावा किया कि सुखबीर सिंह बादल पर यह साल का दूसरा हमला है और इसे उन्होंने 2015 से पंजाब की शांति भंग करने के लिए रची जा रही कथित राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि हमले के पीछे जो भी व्यक्ति था, वह सिख नहीं हो सकता।
नांदेड़ में गुरुद्वारे के बाहर हुआ था हमला
सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के बाहर हमला हुआ था। बताया गया कि वह परिवार के साथ दर्शन करने के बाद बाहर निकल रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया।
हरसिमरत कौर ने शनिवार को बताया था कि हमले में सुखबीर बादल को गंभीर चोटें आईं और उनके दाहिने हाथ की हड्डी में भी चोट लगी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें करीब 150 टांके आए हैं।
2024 में गोल्डन टेंपल के बाहर भी हुआ था हमला
सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में भी अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) के बाहर हमला हुआ था। उस घटना में वह बाल-बाल बच गए थे।
हरसिमरत कौर ने कहा कि परिवार के सामने सुखबीर पर हमला होने से वह और उनके बच्चे बेहद चिंतित हुए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर अरदास करके बाहर निकलते समय इस तरह का हमला बेहद गंभीर मामला है।
