‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सियासी घमासान, किरेन रिजिजू ने विपक्ष को दिया जवाब
‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सियासी घमासान, किरेन रिजिजू ने विपक्ष को दिया जवाब
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान की आलोचना करने पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को ‘नक्सली मानसिकता वाला’ नहीं कहा था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किन लोगों के संदर्भ में किया गया है।
रिजिजू ने बताए ‘दिमागी नक्सली’ के मायने
किरेन रिजिजू के मुताबिक, ‘दिमागी नक्सली’ से उनका आशय उन लोगों से है जो माओवादी विचारधारा का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते।
उन्होंने ऐसे लोगों की तीन श्रेणियां बताईं। इनमें माओवादियों का समर्थन करने वाले, अलगाववादियों के साथ खड़े होने और अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले तथा उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने के लिए ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर को काटने की वकालत करने वाले लोग शामिल हैं।
लाल किले से पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई और उनके बलिदान को याद किया।
पीएम मोदी ने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलवादियों के खिलाफ देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन उनके मुताबिक ‘दिमागी नक्सल’ यानी नक्सली विचारधारा से प्रभावित लोग अभी भी अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट करना जरूरी है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
पीएम मोदी के बयान के बाद कांग्रेस ने इसकी आलोचना की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘दिमागी नक्सली’ शब्द को लेकर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया।
रमेश ने कहा कि इस शब्द का कोई वास्तविक आधार नहीं है और इसकी तुलना पहले इस्तेमाल किए गए ‘अर्बन नक्सल’ शब्द से की।
विपक्ष पर रिजिजू का पलटवार
रिजिजू ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘दिमागी नक्सली’ शब्द किसी राजनीतिक दल या उसके नेताओं के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया है जिन पर वे माओवादी या अलगाववादी विचारधारा का समर्थन करने का आरोप लगा रहे हैं।
