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ऑपरेशन सिंदूर की प्लानिंग कैसे बनी? अजीत डोभाल ने बताया, पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर पूछा था पहला सवाल

ऑपरेशन सिंदूर की प्लानिंग कैसे बनी? अजीत डोभाल ने बताया, पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर पूछा था पहला सवाल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने पहली बार विस्तार से बताया है कि इस ऑपरेशन की रणनीति किस तरह तैयार हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद उनसे सबसे पहले क्या पूछा था।

एयरपोर्ट पर ही हुई पहली अहम बैठक

अजीत डोभाल के मुताबिक, पहलगाम हमले की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना सऊदी अरब दौरा बीच में छोड़कर तुरंत भारत लौटे। भारत पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर ही पहली महत्वपूर्ण बैठक हुई।

डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे सबसे पहले पूछा था कि हमले के पीछे कौन है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। पीएम मोदी हमले से जुड़े सभी तथ्यों की तत्काल जानकारी चाहते थे।

‘हम उनके पीछे जाएंगे’

डोभाल के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि हमलावरों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कम समय में हमले से जुड़े लोगों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।

इसके बाद ऑपरेशन की रणनीति तैयार की गई। भारत ने तय किया कि कार्रवाई केवल हमलावरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आतंकवाद को समर्थन और पनाह देने वाले बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जाएगा।

88 घंटे चला भारत-पाकिस्तान संघर्ष

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 88 घंटे तक तनाव और सैन्य कार्रवाई का दौर चला। भारत की ओर से आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।

डोभाल ने कहा कि पहलगाम हमला भारत की सहनशीलता की सीमा को पार कर गया था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की शांति और संयम को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश देने की कोशिश की कि आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों और उन्हें समर्थन देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

डोभाल के मुताबिक, देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत अपनी रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि भारत की उदारता और संयम को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी।

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