नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार के साथ बनेगा शुभ संयोग, जानें पूजा का मुहूर्त और विधि
नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार के साथ बनेगा शुभ संयोग, जानें पूजा का मुहूर्त और विधि
देहरादून, 16 अगस्त 2026: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि इस दिन सावन का सोमवार भी पड़ रहा है, जिससे भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवता का पूजन करने से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।
सुबह 5:51 से 8:29 बजे तक रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी की पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:52 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए शुभ समय 17 अगस्त की सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक बताया गया है।
नाग पंचमी के प्रमुख चौघड़िया मुहूर्त
अमृत: सुबह 5:51 से 7:30 बजे तक
शुभ: सुबह 9:08 से 10:47 बजे तक
चर: दोपहर 2:03 से 3:42 बजे तक
लाभ: दोपहर 3:42 से शाम 5:20 बजे तक
अमृत: शाम 5:20 से 6:59 बजे तक
चर: शाम 6:59 से रात 8:20 बजे तक
अमृत: 18 अगस्त को सुबह 3:09 से 4:30 बजे तक
नाग पंचमी पर ऐसे करें पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद पूजा की तैयारी की जाती है। इसके बाद नाग देवता की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित कर भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा भी रखी जाती है।
भगवान शिव और नाग देवता को कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद दूध, घी और चीनी का मिश्रण अर्पित करने की परंपरा बताई गई है। घर में शिवलिंग हो तो पूजा सामग्री शिवलिंग पर भी अर्पित की जा सकती है।
पूजा के बाद नाग देवता की आरती की जाती है और नाग पंचमी की कथा सुनी जाती है। कुछ परंपराओं में घर के मुख्य द्वार पर चंदन या हल्दी से सर्प का चित्र बनाने की भी मान्यता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु शाम को विधि के अनुसार पारण करते हैं।
धार्मिक मान्यता: नाग पंचमी से जुड़ी पूजा-विधि और शुभ फल की बातें धार्मिक आस्था एवं लोक परंपराओं पर आधारित हैं। इनके वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
