रुद्रपुर में क्षमता से 5 गुना ज्यादा यात्री लेकर दौड़ रही थी बस, 168 लोग सवार; बिना परमिट और टैक्स के मिली
रुद्रपुर में क्षमता से 5 गुना ज्यादा यात्री लेकर दौड़ रही थी बस, 168 लोग सवार; बिना परमिट और टैक्स के मिली
रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान एक निजी बस में क्षमता से कई गुना अधिक यात्री मिलने से हड़कंप मच गया। लखीमपुर खीरी से पंजाब जा रही इस बस में सिर्फ 31 यात्रियों के बैठने और सोने की क्षमता थी, लेकिन जांच के दौरान कुल 168 यात्री सवार मिले। इनमें 138 वयस्क और 30 बच्चे शामिल थे।
बस के अंदर का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यात्रियों की संख्या देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह क्षमता से कहीं अधिक लोगों को एक ही बस में बैठाकर सफर कराया जा रहा था।
रात करीब एक बजे पकड़ी गई बस
जानकारी के मुताबिक, परिवहन विभाग के सचल दल ने रुद्रपुर के लालपुर क्षेत्र में रात करीब एक बजे बस को रोककर जांच की। जांच के दौरान बस में ओवरलोडिंग के अलावा परमिट और टैक्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी पाया गया।
बस लखीमपुर खीरी से पंजाब के लुधियाना, खन्ना, जालंधर और अंबाला के लिए जा रही थी। कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने बस का चालान किया और उसे रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन में सीज कर दिया।
बस सीज होने के बाद यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बस के सीज होने के बाद उसमें सवार यात्रियों के सामने आगे की यात्रा का संकट खड़ा हो गया। बताया गया कि यात्रियों से करीब 700 से 800 रुपये किराया लिया गया था।
परिवहन विभाग की ओर से यात्रियों को आगे भेजने के लिए रोडवेज बस की व्यवस्था कराने की कोशिश की गई, लेकिन किराये को लेकर मामला अटक गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
208 किलोमीटर के सफर में कहीं नहीं हुई जांच?
इस घटना ने परिवहन विभाग की चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लखीमपुर खीरी से रुद्रपुर की दूरी करीब 208 किलोमीटर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों से भरी यह बस रास्ते में मौजूद चेकिंग प्वाइंट्स से आखिर कैसे निकलती रही।
अगर रुद्रपुर में बस को नहीं रोका जाता, तो इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर इसका सफर पंजाब तक जारी रह सकता था।
तीन दिन में ओवरलोडिंग का दूसरा बड़ा मामला
रुद्रपुर की यह घटना पिछले कुछ दिनों में ओवरलोडिंग का दूसरा गंभीर मामला है। इससे पहले किच्छा में 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में करीब 110 यात्री पाए गए थे। कार्रवाई के बाद उस बस का परमिट निरस्त कर दिया गया था।
वहीं, दो दिन पहले भी एक 31 सवारी की क्षमता वाली बस में 155 यात्री मिले थे। यानी निर्धारित क्षमता से 124 यात्री अधिक सवार थे।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने निजी बसों के संचालन, यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि इतनी अधिक संख्या में यात्रियों को लेकर चलने वाली बसों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है और ओवरलोडिंग रोकने के लिए चेकिंग व्यवस्था को कितना प्रभावी बनाया जाता है।
