नवग्रह: रत्न, उपरत्न, धातु और धारण करने की उंगली
नवग्रह: रत्न, उपरत्न, धातु और धारण करने की उंगली
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवग्रहों की स्थिति का जीवन पर प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के प्रभाव को अनुकूल बनाने के लिए उनसे संबंधित रत्न, उपरत्न और धातुएं धारण की जाती हैं:
सूर्य ग्रह: मुख्य रत्न माणिक्य है और सस्ते उपरत्न लालडी या सूर्यमणि हैं। इसे तांबा या सोना धातु में अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।
चंद्रमा ग्रह: मुख्य रत्न मोती है और सस्ता उपरत्न मून-स्टोन है। इसे चांदी या कांसा धातु में कनिष्ठा उंगली में धारण किया जाता है।
मंगल ग्रह: मुख्य रत्न मूंगा है और सस्ता उपरत्न लाल हकीक है। इसे तांबा या पीतल धातु में अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।
बुध ग्रह: मुख्य रत्न पन्ना है और सस्ते उपरत्न मरगज व पेरिडॉट हैं। इसे सोना धातु में कनिष्ठा उंगली में धारण किया जाता है।
गुरु ग्रह: मुख्य रत्न पुखराज है और सस्ता उपरत्न सुनहला है। इसे सोना या पीतल धातु में तर्जनी उंगली में धारण किया जाता है।
शुक्र ग्रह: मुख्य रत्न हीरा है और सस्ते उपरत्न तुरमली व सिम्मा हैं। इसे चांदी, प्लैटिनम या व्हाइट गोल्ड में मध्यमा या अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।
शनि ग्रह: मुख्य रत्न नीलम है और सस्ते उपरत्न काला अकीक, लाजवर्त या जमुनिया हैं। इसे लोहा या अष्टधातु में मध्यमा उंगली में धारण किया जाता है।
राहु ग्रह: मुख्य रत्न गोमेद है और सस्ते उपरत्न अकीक, तुरसा व साफी हैं। इसे अष्टधातु या पंचधातु में मध्यमा उंगली में धारण किया जाता है।
केतु ग्रह: मुख्य रत्न लहसुनिया है और सस्ते उपरत्न संघीय, गोदंत व फिरोजा हैं। इसे पंचधातु या चांदी में मध्यमा या अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।
उपरत्न क्या होते हैं?
उपरत्न मुख्य नौ रत्नों के सस्ते और कम कीमत वाले विकल्प होते हैं। जब कोई व्यक्ति महंगे रत्न खरीदने में असमर्थ होता है, तब वह उन्हीं के समान लाभ प्राप्त करने के लिए उपरत्न धारण करता है।
