ताइवान के हान कुआंग अभ्यास में ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ से बचाव की ड्रिल, बख्तरबंद वाहन से गुप्त कमांड सेंटर पहुंचे राष्ट्रपति
ताइवान के हान कुआंग अभ्यास में ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ से बचाव की ड्रिल, बख्तरबंद वाहन से गुप्त कमांड सेंटर पहुंचे राष्ट्रपति
ताइपे: चीन के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ताइवान ने अपने वार्षिक ‘हान कुआंग’ (Han Kuang) सैन्य अभ्यास के दौरान एक महत्वपूर्ण युद्धकालीन ड्रिल (Wartime Exercise) को अंजाम दिया। इस अभ्यास के तहत ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट में बख्तरबंद सैन्य वाहन से सुरक्षित रूप से एक गुप्त कमांड सेंटर पहुंचाया गया, ताकि युद्ध की स्थिति में देश की कमान निर्बाध रूप से जारी रखी जा सके।
1. गुप्त कमांड सेंटर से किया संचालन का निरीक्षण
सरकारी कामकाज की समीक्षा: राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने गुप्त कमांड सेंटर पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया और सरकारी कामकाज की समीक्षा की।
शांति का संदेश: राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने वार्षिक अभ्यास का बारीकी से निरीक्षण किया और जोर देकर कहा कि ताइवान शांति स्थापित करने के अपने इरादे पर अडिग है।
अभ्यास का उद्देश्य: राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता के अनुसार, इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य कमांड स्ट्रक्चर, सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय और आपातकालीन तंत्र की क्षमता को परखना है।
2. ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ (Decapitation Strike) के खतरे से निपटने की तैयारी
ताइवान को लंबे समय से आशंका है कि संभावित युद्ध की स्थिति में चीन उसके शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाकर निष्क्रिय करने (‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’) की कोशिश कर सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के अभ्यास में:
शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षित आवाजाही,
वैकल्पिक कमांड व्यवस्था (Alternative Command Structure), और
आपातकालीन प्रशासनिक नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया है।
3. 10 दिनों तक चलने वाले हान कुआंग अभ्यास के मुख्य बिंदु
सैनिकों की भागीदारी: 10 दिवसीय इस अभ्यास में 20,000 से अधिक रिजर्व सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।
प्रमुख अभ्यास: युद्धकालीन संचार व्यवस्था, नागरिक प्रशासन, हथियारों के भंडार को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना, साइबर अटैक से बचाव और संभावित चीनी समुद्री या हवाई हमले से निपटने की मॉक ड्रिल्स शामिल हैं।
4. चीन-ताइवान तनाव की पृष्ठभूमि
चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और इसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग की संभावना को खारिज नहीं करता। इसके विपरीत, ताइवान की लोकतांत्रिक सरकार चीन के दावों को खारिज करती है और उसका रुख है कि ताइवान के भविष्य का फैसला केवल वहां की जनता ही कर सकती है।
