इरान: राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान बोले— सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से संपर्क करना ‘बहुत मुश्किल’
इरान: राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान बोले— सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से संपर्क करना ‘बहुत मुश्किल’
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने बुधवार को सरकारी मीडिया IRIB को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि मौजूदा परिस्थितियों में देश के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से संपर्क (Communication) स्थापित करना बेहद मुश्किल हो गया है। हालांकि, पेज़ेश्कियान ने जोर देकर कहा कि जारी तनाव और युद्ध के दौर में मुज्तबा खामेनेई की मौजूदगी देश के नेतृत्व के लिए ताकत का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है।
1. गुप्त स्थान पर कार में हुई थी रहस्यमयी मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट्स (ईरान इंटरनेशनल) के अनुसार, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने जब सुप्रीम लीडर से मिलने का आग्रह किया और कथित तौर पर इस्तीफे की चेतावनी दी, तब उन्हें एक कार में मुलाकात की अनुमति मिली।
टिंटेड-विंडो वाली कार: पेज़ेश्कियान की सुरक्षा टीम उन्हें तेहरान के एक गुप्त स्थान पर ले गई, जहां उन्हें एक अंधेरी, काली खिड़कियों वाली व्यावसायिक कार की पिछली सीट पर बैठाया गया।
सिर्फ आवाज से हुई बातचीत: कार में पहले से मौजूद व्यक्ति से केवल कुछ मिनट बातचीत की अनुमति दी गई। अंधेरे के कारण चेहरा दिखाई नहीं दिया और न ही हाथ मिलाने की इजाजत दी गई।
पहचान पर संशय: रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अजीबोगरीब मुलाकात के बाद राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपने करीबियों से सवाल भी किया था कि क्या कार की सीट पर बैठा व्यक्ति वाकई मुज्तबा खामेनेई ही था या कोई और, क्योंकि उन्होंने सिर्फ आवाज सुनी थी।
2. मतभेदों और नकारात्मक छवि की कोशिशों का खंडन
इंटरव्यू में पेज़ेश्कियान ने मुज्तबा खामेनेई का बचाव करते हुए कहा कि कुछ विरोधी समूह सुप्रीम लीडर की नकारात्मक छवि पेश करके आंतरिक फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने एक फैसले का जिक्र करते हुए बताया कि जब परिषद की समीक्षा में एक प्रस्ताव को 13 में से 12 वोट मिले, तो खामेनेई ने विशेषज्ञों की राय को सहजता से स्वीकार किया था। हालांकि, बाद में कुछ लोगों ने इस निर्णय को विवाद का विषय बनाने की कोशिश की।
3. पिता के निधन के बाद से सार्वजनिक रूप से गायब हैं मुज्तबा
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई ने सर्वोच्च नेता का पद संभाला।
स्वास्थ्य पर सस्पेंस: उस हमले में मुज्तबा खुद भी घायल हो गए थे।
अंतिम संस्कार में गैर-मौजूदगी: पद संभालने के बाद से उन्होंने केवल लिखित बयान जारी किए हैं। वह पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आए, जिससे उनके स्वास्थ्य और शीर्ष अधिकारियों के साथ उनके संबंधों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
