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वॉशिंगटन में मरीन वन और यात्री विमान का ‘क्लोज कॉल’: ट्रंप के हेलिकॉप्टर के पास आया प्लेन, FAA और NTSB जांच में जुटीं

वॉशिंगटन में मरीन वन और यात्री विमान का ‘क्लोज कॉल’: ट्रंप के हेलिकॉप्टर के पास आया प्लेन, FAA और NTSB जांच में जुटीं

​वॉशिंगटन: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के आसमान में 4 अगस्त को एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा मरीन वन (Marine One) हेलिकॉप्टर और वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा एनवॉय एयर (Envoy Air) का यात्री विमान एक-दूसरे के खतरनाक रूप से करीब आ गए। इस घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक संस्था FAA और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है।

​1. कैसे हुई घटना और कहां हुई चूक?

​कम्युनिकेशन में गड़बड़ी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेक-ऑफ से पहले मरीन वन के क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टॉवर को तीन बार मैसेज भेजा कि वे 3 मिनट में उड़ान भर रहे हैं, लेकिन सिग्नल खराब होने के कारण ATC मैसेज ठीक से नहीं सुन पाया।

​कमर्शियल फ्लाइट्स का न रुकना: आमतौर पर जब राष्ट्रपति का मरीन वन टेक-ऑफ करता है, तो रीगन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की आवाजाही रोक दी जाती है, लेकिन उस दिन एनवॉय एयर 3742 फ्लाइट को उड़ान भरने से नहीं रोका गया।

​दूरी में कमी (Loss of Separation): नियमों के मुताबिक दोनों विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की दूरी और 500 फीट की ऊंचाई का अंतर होना जरूरी है। हालांकि, इस घटना के दौरान दोनों के बीच की दूरी 1 मील से भी कम रह गई थी।

​2. जांच और आधिकारिक बयान

​FAA और NTSB का बयान: FAA ने पुष्टि की है कि क्षणिक समय के लिए विमानों के बीच की निर्धारित दूरी कम (Loss of Separation) हो गई थी। दोनों एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि मरीन वन की मौजूदगी के बावजूद यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति क्यों दी गई।

​व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया: व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि मरीन वन के पायलट दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में से हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी समय खतरे में नहीं थे।

​मरीन कॉर्प्स का रुख: मरीन कॉर्प्स ने कहा कि मरीन वन की उड़ान सामान्य थी और ATC टॉवर की ओर से उन्हें रुकने या मार्ग बदलने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था।

​3. जनवरी 2025 की भीषण दुर्घटना की यादें ताजा

​इस घटना ने वॉशिंगटन के कड़े हवाई सुरक्षा नियमों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। जनवरी 2025 में वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास ही सेना के एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और यात्री विमान के बीच हुई भीषण टक्कर में 67 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद FAA ने इस इलाके में कमर्शियल जेट और हेलिकॉप्टर की संयुक्त आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे।

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