मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए ‘इंडी गठबंधन’ लाएगा संशोधित प्रस्ताव, राज्यसभा में नया नोटिस देने की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए ‘इंडी गठबंधन’ लाएगा संशोधित प्रस्ताव, राज्यसभा में नया नोटिस देने की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए विपक्षी दलों का ‘इंडी गठबंधन’ एक बार फिर लामबंद हो रहा है। कांग्रेस पार्टी की पहल पर विपक्षी दलों ने एक संशोधित नोटिस लाने पर पूरी सहमति बना ली है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आगामी दो सप्ताह के भीतर राज्यसभा में यह नया प्रस्ताव सौंपा जाएगा, जिसमें हालिया घटनाक्रमों और नए तथ्यों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
नोटिस से जुड़ी मुख्य बातें और रणनीतिक तैयारियां
कांग्रेस कार्यसमिति में चर्चा: इस पूरे मुद्दे पर हाल ही में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई थी। इसके बाद इंडी गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं से संपर्क कर उनके हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं।
सत्र की अनिवार्यता नहीं: नियमों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के संबंध में नोटिस देने के लिए संसद का सत्र चलना अनिवार्य नहीं होता है।
पुराना नोटिस और पाला बदलने वाले सांसद: विपक्ष ने इससे पहले 24 अप्रैल को भी राज्यसभा में ऐसा ही नोटिस दिया था जिस पर 73 सांसदों के हस्ताक्षर थे। हालांकि, वह नोटिस अभी भी लंबित है, और इस बीच उस पर हस्ताक्षर करने वाले 7 सांसद पाला बदलकर दूसरी तरफ जा चुके हैं। यही वजह है कि विपक्ष अब नए सिरे से समर्थन जुटाकर संशोधित नोटिस ला रहा है।
सांसदों के हस्ताक्षर की अनिवार्यता: राज्यसभा में इस तरह का प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों के समर्थन और हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है, जिसे लेकर कांग्रेस का दावा है कि गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है।
विपक्ष के आरोप और पृष्ठभूमि
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णयों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सहयोगियों (अन्य चुनाव आयुक्तों) द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद से यह विवाद और गहरा गया है कि कई मामलों में उनसे बिना पूछे या सहमति के ही फैसले ले लिए गए। इन्हीं आधारों को बनाते हुए विपक्ष सीईसी को हटाने की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है और इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।
