शेख हसीना के लाइव भाषण पर बांग्लादेश ने जताई सख्त आपत्ति, भारत पर लगाए गंभीर आरोप
शेख हसीना के लाइव भाषण पर बांग्लादेश ने जताई सख्त आपत्ति, भारत पर लगाए गंभीर आरोप
ढाका/नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीडिया से लाइव बातचीत पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे बांग्लादेश की संप्रभुता और ‘जुलाई क्रांति’ के शहीदों का अपमान बताया है।
1. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के मुख्य बिंदु
भारत सरकार की अनुमति पर सवाल: विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि इस कार्यक्रम का दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके बावजूद सार्वजनिक रूप से लाइव बातचीत की अनुमति दी गई।
संबंधित बयानों पर आपत्ति: मंत्रालय का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना और उनके सहयोगियों ने बांग्लादेश और वहां के लोगों के खिलाफ जहरीली बातें कहीं और इतिहास को बदलने की कोशिश की।
प्रत्यर्पण समझौते का मुद्दा: बयान में कहा गया कि 2013 के द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते (Extradition Treaty) के तहत शेख हसीना को वापस बांग्लादेश भेजने की कई बार मांग की गई है, लेकिन भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
रिश्तों पर असर की चेतावनी: बांग्लादेश ने स्पष्ट किया कि वह बराबरी, आपसी सम्मान और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के आधार पर संबंध चाहता है, लेकिन ऐसे कार्यक्रमों से दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है।
2. शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
इससे पहले नई दिल्ली से अपनी पहली वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने ऐलान किया कि वह दिसंबर में बांग्लादेश वापस लौटेंगी।
वापसी का संकल्प: उन्होंने कहा कि जब उनके देश के लोग और समर्थक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, तब वह विदेश में चुपचाप नहीं बैठ सकतीं।
जान के खतरे की परवाह नहीं: शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि वह जेल जाने, गिरफ्तारी या अपनी जान को खतरे जैसी किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अपने लोगों के पास वापस जाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
